जशपुर जिले में सामने आए बहुचर्चित धान घोटाले में आखिरकार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल कर ली है। खरीफ वर्ष 2024–25 के दौरान धान उपार्जन केंद्र कोनपारा तुमला में उजागर हुई 6 करोड़ 55 लाख रुपये की अनियमितता के कथित मास्टरमाइंड, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू (40 वर्ष) को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी एफआईआर दर्ज होते ही पहले मध्यप्रदेश के दमोह में छिपा, फिर पुलिस का दबाव बढ़ते ही कोरबा जिले के विकासनगर कुसमुंडा पहुंच गया। आखिरकार रात के वक्त की गई सटीक घेराबंदी में पुलिस ने उसे दबोच लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि जयप्रकाश साहू अपनी पहचान छिपाने के लिए हर बार किसी और के नाम पर मोबाइल सिम लेकर इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन तक न पहुंच सके। लेकिन साइबर यूनिट की सतत निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग ने उसकी यह चालाकी बेनकाब कर दी। संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए, उन्होंने घोटाले की भयावहता को उजागर कर दिया। रिकॉर्ड के मुताबिक धान खरीदी 1,61,250 क्विंटल दर्शाई गई, जबकि मिल और संग्रहण केंद्रों को परिदान मात्र 1,40,663.12 क्विंटल हुआ। इस तरह 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई। 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से यह नुकसान करीब 6.38 करोड़ रुपये बैठता है। इसके अलावा 4,898 नग बारदाना की कमी से 17.07 लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान जोड़ते हुए कुल क्षति 6,55,26,979 रुपये आंकी गई है।
इस मामले में कुल छह आरोपी नामजद किए गए हैं। फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजा जा चुका है, जबकि जयप्रकाश साहू दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है। शेष चार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर थाना तुमला में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 320, 336, 338 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूरे ऑपरेशन की निगरानी Jashpur Police के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। Shashi Mohan Singh के निर्देश पर Dhuvesh Kumar Jaiswal के नेतृत्व में विशेष टीम और साइबर यूनिट ने कई राज्यों में दबिश देकर आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्त में लेने की तैयारी में जुटी है। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि धान उपार्जन जैसे संवेदनशील मामलों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जाएगा।