Abhishek Sharma: ‘मेरे पास बहुत ज़्यादा शॉट्स नहीं…’ न्यूज़ीलैंड को तहस-नहस करने के बाद अभिषेक ने क्यों कही यह बात?

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नागपुर में खेले गए पहले टी-20 इंटरनेशनल में भारत की धमाकेदार जीत का सबसे बड़ा चेहरा Abhishek Sharma रहे। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में 84 रन ठोककर उन्होंने न सिर्फ मैच की दिशा बदल दी, बल्कि टी-20 क्रिकेट में अपने इरादों का भी एलान कर दिया। भारत ने इस मुकाबले में 238 रन बनाए, जो टी-20 इंटरनेशनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। इस रिकॉर्ड पारी की नींव पावरप्ले में अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाज़ी ने रखी, जहां कीवी गेंदबाज़ों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

मैच के बाद जब माइक्रोफोन उनके सामने आया, तो अभिषेक ने अपने खेल से उलट एक ऐसा बयान दिया, जिसने सबको चौंका दिया। छक्कों की बरसात करने वाले इस युवा बल्लेबाज़ ने मुस्कराते हुए कहा—“मेरे पास बहुत ज़्यादा शॉट्स नहीं हैं।” यह सुनकर प्रेज़ेंटर भी हंस पड़े, लेकिन अभिषेक ने तुरंत अपनी सोच की गहराई समझा दी। उनका कहना था कि क्रिकेट में शॉट्स की संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है यह जानना कि आपके मजबूत शॉट्स कौन-से हैं और आप उन्हें कितनी परफेक्शन के साथ खेल सकते हैं।

अभिषेक ने साफ कहा कि वह अपनी बल्लेबाज़ी के वीडियो लगातार देखते हैं ताकि यह समझ सकें कि गेंदबाज़ उनके खिलाफ किस तरह की योजना बना रहे हैं। उनके शब्दों में, जब आपको पता होता है कि आप कौन-से गिने-चुने शॉट्स खेलने वाले हैं, तो आप उन्हीं पर सबसे ज़्यादा मेहनत करते हैं। मैच में वही शॉट्स बार-बार खेलने का आत्मविश्वास इसी तैयारी से आता है। यही वजह है कि मैदान पर वह बिना झिझक बड़े शॉट खेलने से नहीं डरते।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बल्लेबाज़ी पूरी तरह इंटेंट पर आधारित है। अगर आपको 200 के स्ट्राइक रेट से खेलना है और हर गेंद पर दबाव बनाना है, तो सोच में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। हर टीम उनके लिए अलग-अलग प्लान बनाती है, लेकिन अंतिम फैसला उनकी तैयारी और इंस्टिंक्ट पर टिका होता है। अभिषेक ने इस बात से भी इनकार किया कि वह टीम में कोई ‘हाई-रिस्क रोल’ निभा रहे हैं। उनके मुताबिक यह उनकी कंफर्ट ज़ोन नहीं है, लेकिन उन्होंने पहले ओवर से बड़े शॉट खेलने की प्रैक्टिस खुद को सिखाई है।

दिलचस्प बात यह है कि अभिषेक खुद को रेंज-हिटर नहीं मानते। वह ताकत से ज़्यादा टाइमिंग पर भरोसा करते हैं—गेंद को आख़िरी पल तक देखने, हालात को समझने और सही शॉट चुनने पर। नेट सेशन में वह पहले से प्लानिंग करते हैं, वीडियो एनालिसिस से यह समझते हैं कि गेंदबाज़ कहां गेंद डाल सकते हैं, और वही तैयारी मैच के दिन आत्मविश्वास में बदल जाती है।

नागपुर की यह पारी सिर्फ एक शानदार इनिंग नहीं थी, बल्कि एक बयान थी—कि सीमित शॉट्स, साफ इरादे और पुख्ता तैयारी के साथ भी टी-20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण की नींद उड़ाई जा सकती है। यही कारण है कि अभिषेक शर्मा को आज भारत के टी-20 भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीदों में गिना जा रहा है।

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