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साय सरकार का नया विज़न: विश्व-स्तरीय स्मार्ट कैपिटल के रूप में उभरता नवा रायपुर, IT-मेडिसिटी और कनेक्टिंग टाउन से बदलेगी छत्तीसगढ़ की रफ्तार

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छत्तीसगढ़ की नई राजधानी Nava Raipur Atal Nagar अब सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित शहर नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप एक विश्व-स्तरीय स्मार्ट कैपिटल, IT-हब, हेल्थ-हब और रोजगार-प्रधान शहर के रूप में विकसित करने में जुटी है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक नवा रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बने और राज्य की आर्थिक, तकनीकी व सामाजिक प्रगति का केंद्र बने।

इस विज़न की रीढ़ है रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनने वाला कनेक्टिंग टाउन। राजधानी क्षेत्र को एकीकृत रूप देने के लिए 432 हेक्टेयर में फैली इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गई है। अटल पथ के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में विकसित होने वाला यह स्मार्ट कॉरिडोर शहरी सुविधाओं से लैस होगा। सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, नकटी, रमचंडी और बरौदा जैसे गांव इस योजना में शामिल होकर राजधानी क्षेत्र की संरचना को और मजबूत करेंगे। खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक भूमि अधिग्रहण की जगह भूमि पुनर्वितरण मॉडल अपनाया गया है, जिसके तहत विकास के बाद जमीन मालिकों को 42 प्रतिशत भूमि विकसित रूप में वापस दी जाएगी। इससे न सिर्फ किसानों और जमीन मालिकों के हित सुरक्षित होंगे, बल्कि वे सीधे तौर पर शहर के विकास के भागीदार भी बनेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कई उच्चस्तरीय बैठकों में यह साफ किया है कि रायपुर-नवा रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। महानदी भवन में हुई समीक्षा बैठकों में अंडरग्राउंड केबलिंग, नए फ्लाईओवर, चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, पेयजल और सीवरेज नेटवर्क, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। नगरीय निकायों को पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन दिए गए हैं और सभी विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध काम करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण प्रबंधन, झुग्गी पुनर्विकास, खेल मैदानों का संरक्षण और मेडिकल सुविधाओं के उन्नयन जैसे विषय भी इस समग्र विकास एजेंडे का हिस्सा हैं।

नवा रायपुर को हेल्थ-हब के रूप में स्थापित करने के लिए 400 एकड़ में मेगा मेडिसिटी प्रोजेक्ट पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। इसमें सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर, मेडिकल उपकरण निर्माण हब और मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे एक ओर राज्य के लोगों को विश्व-स्तरीय इलाज मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

डिजिटल छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए नवा रायपुर को IT, AI और स्टार्टअप इकोसिस्टम का केंद्र बनाया जा रहा है। सरकार ने ₹1000 करोड़ के निवेश से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित करने का फैसला लिया है, जो प्रदेश में डिजिटल उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। नई औद्योगिक नीति 2024 के तहत नवा रायपुर को IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। Software Technology Parks of India (STPI) के साथ साझेदारी में चार नए उद्यमिता केंद्र खोलने का निर्णय स्टार्टअप कल्चर को नई ऊंचाई देगा। इन पहलों के चलते राज्य को ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा नवा रायपुर का है।

शिक्षा और कौशल विकास के मोर्चे पर भी नवा रायपुर को नॉलेज हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। सेक्टर-18 में SVKM Narsee Monjee Institute को लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर दी गई है, जहां विश्व-स्तरीय प्रबंधन और उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित होगा। इसके साथ-साथ नई शिक्षा नीति के अनुरूप रिसर्च हब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और स्टार्टअप इनक्यूबेशन स्पेस विकसित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा सके।

साय सरकार का फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन भी इसकी अहम कड़ी है। अटल आवास योजना के तहत नवा रायपुर में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) को कर्ज-मुक्त करना सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे भविष्य के विकास कार्य बिना वित्तीय दबाव के किए जा सकेंगे।

पर्यावरण के मोर्चे पर नवा रायपुर को ग्रीन कैपिटल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर में बड़े हरित क्षेत्र, ऑक्सीज़ोन, ऊर्जा-दक्ष भवन, जल संरक्षण आधारित शहरी डिज़ाइन और स्मार्ट LED स्ट्रीटलाइट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। इन पहलों के जरिए नवा रायपुर एक सस्टेनेबल और क्लाइमेट-रेसिलिएंट स्मार्ट सिटी के रूप में आकार ले रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठकों में राजधानी विकास से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 की मंजूरी, STPI के सहयोग से उद्यमिता केंद्रों की स्थापना, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नत लैब सुविधाएं, नया थाना, वर्किंग वुमन हॉस्टल, आयोग-बोर्ड भवन और लॉजिस्टिक हब जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। साथ ही नवा रायपुर में रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और शहरी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस दिया गया है।

कुल मिलाकर, साय सरकार का यह विज़न नवा रायपुर को सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य का प्रतीक बना रहा है—एक ऐसा शहर जो तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण सभी मोर्चों पर राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।

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