छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के घने जंगलों में नक्सली हिंसा ने एक बार फिर इंसानियत को झकझोर दिया है। लंकापल्ली इलाके के जंगल में माओवादियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED की चपेट में आकर एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। गुरुवार, 22 जनवरी की दोपहर हुआ यह धमाका इतना भयावह था कि राजू मोडियामी (30) के दाहिने पैर की एड़ी पूरी तरह टूटकर अलग हो गई। दर्द और खून से लथपथ होने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी—एक पैर से लंगड़ाते हुए वह जंगल के भीतर से करीब सात किलोमीटर का सफर तय कर बाहर निकला और किसी तरह अस्पताल तक पहुंच सका।
यह घटना ईलमिड़ी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब तीन बजे राजू जंगल की ओर जा रहे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की तीव्रता ने उन्हें वहीं गिरा दिया। खतरनाक हालात और जान का जोखिम होने के बावजूद राजू ने हिम्मत जुटाई और टूटे पैर के सहारे धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने मदद की और घायल को जंगल से निकालकर ईलमिड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल बीजापुर रेफर कर दिया गया, जहां फिलहाल इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। जंगलों में IED की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। यह हादसा एक बार फिर बताता है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में आम ग्रामीण किस तरह रोजमर्रा की जिंदगी में भी मौत के साये में जीने को मजबूर हैं—जहां एक कदम भी जानलेवा साबित हो सकता है।