नागपुर में पहला टी20 जीतकर भारत ने साफ कर दिया है कि टीम पूरी लय में है और टी20 वर्ल्ड कप से पहले किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं। टॉस हारकर रात के मुकाबले में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 238 रन ठोक दिए और न्यूजीलैंड को चारों खाने चित कर दिया। हाल की टेस्ट और वनडे सीरीज़ की कसक टी20 फॉर्मेट में दिखी ही नहीं—यह एक अलग, आक्रामक और आत्मविश्वासी भारत था।
तिलक वर्मा की चोट की जगह ईशान किशन को शामिल करें तो यह लगभग फुल-स्ट्रेंथ भारतीय टीम है। यह सीरीज़ टी20 वर्ल्ड कप से पहले आख़िरी बड़ी परीक्षा मानी जा रही है, और टीम मैनेजमेंट चाहती है कि नागपुर से लेकर रायपुर तक वही तीव्रता और जोश बरकरार रहे। लगातार 10 टी20 सीरीज़/टूर्नामेंट जीतने का आत्मविश्वास—जिसमें टी20 वर्ल्ड कप और एशिया कप शामिल हैं—इस सोच को और मजबूत करता है।
दूसरी तरफ न्यूज़ीलैंड के लिए राह आसान नहीं। हाल ही में भारत को उसके घर में टेस्ट और वनडे में हराने का भरोसा जरूर होगा, लेकिन टी20 में तस्वीर अलग है। रायपुर में हार उन्हें सीरीज़ में बैक-फुट पर धकेल देगी, जहां आगे के मुकाबले ‘करो या मरो’ जैसे हो सकते हैं।
नागपुर में कप्तान मिचेल सैंटनर की कप्तानी पर सवाल उठे। अपने चार ओवर पूरे न करना और आख़िरी ओवर डैरिल मिचेल से डलवाना बहस का विषय रहा। शायद वह लेफ्ट-हैंड बल्लेबाज़ के सामने लेफ्ट-आर्म स्पिनर लाने से बचना चाहते थे, लेकिन 3 ओवर में 37 रन का आंकड़ा दबाव को दिखाता है—हालांकि सूर्यकुमार यादव का विकेट उन्होंने अहम क्षण पर निकाला।
भारत के लिए अभिषेक शर्मा न्यूज़ीलैंड का सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं। सैंटनर की 5 गेंदों में 15 और ईश सोढ़ी की 10 गेंदों में 24 रन—अगर उन्हें जल्दी नहीं रोका गया, तो कहानी फिर वही हो सकती है।
टीम संयोजन पर नज़र डालें तो अक्षर पटेल की उंगली में कट के कारण उपलब्धता पर संशय है। भारत जोखिम नहीं लेना चाहे तो हर्षित राणा को मौका मिल सकता है। न्यूज़ीलैंड में माइकल ब्रेसवेल फिट होते हैं तो सोढ़ी की जगह आ सकते हैं, जबकि तेज़ गेंदबाज़ी में मैट हेनरी और काइल जैमिसन विकल्प हैं।
पिच की बात करें तो रायपुर में अब तक एक ही टी20 इंटरनेशनल खेला गया है—2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने 174 रन डिफेंड किए थे। सीमित डेटा के बावजूद चेज़ करने वाली टीमों का रिकॉर्ड थोड़ा बेहतर दिखता है। मौसम साफ और सुहावना रहने की उम्मीद है, यानी रन-फेस्ट के संकेत मौजूद हैं।
कुल मिलाकर, नागपुर की धमाकेदार जीत ने लय और आत्मविश्वास दोनों सेट कर दिए हैं। रायपुर में भारत उसी धार को कायम रखना चाहेगा, जबकि न्यूज़ीलैंड के सामने अपनी टी20 रणनीति को तुरंत दुरुस्त करने की चुनौती है।