रायपुर में होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का इरादा साफ है—नागपुर की बड़ी जीत को महज एक शुरुआत बनाकर सीरीज़ पर पकड़ और मजबूत करना। पहले मैच में 48 रन की शानदार जीत ने टीम का आत्मविश्वास आसमान पर पहुंचाया है, लेकिन इस मुकाबले में चर्चा का केंद्र शीर्ष क्रम रहेगा, जहां संजू सैमसन और ईशान किशन से बड़ी पारियां अपेक्षित हैं।
नागपुर में बल्ले से अपेक्षित असर न छोड़ पाने के बावजूद संजू और किशन को टीम मैनेजमेंट का भरोसा मिला हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप से पहले निरंतर मौके मिलना इस भरोसे का संकेत है। संजू, जिन्होंने इस फॉर्मेट में तीन शतक जड़े हैं, अपने शॉट-रेंज की झलक दिखाने को बेताब होंगे, वहीं विश्व कप टीम में जगह बना चुके किशन पर भी दबाव है कि वे इस भरोसे को ठोस प्रदर्शन में बदलें—खासकर तब, जब नागपुर में उन्हें श्रेयस अय्यर पर प्राथमिकता दी गई थी।
कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए भी यह मुकाबला अहम है। पहले मैच में 22 गेंदों पर 32 रन भले ही बड़ी पारी न रहे हों, लेकिन लय में लौटने का संकेत जरूर था। टीम की जीत ने कप्तान के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और सुधार के बिंदु भी साफ किए हैं। ऊपर से अभिषेक शर्मा की आक्रामक शुरुआत भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। अगर भारत को विश्व कप खिताब बचाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने हैं, तो अभिषेक को उसी निडर अंदाज़ में पावरप्ले पर हावी रहना होगा।
गेंदबाजी में संतुलन भारत का बड़ा प्लस है। रिंकू सिंह की वापसी और तुरंत असर ने निचले क्रम को धार दी है। पावरप्ले में अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या से शुरुआती विकेट मिलते हैं तो जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले के बाद तीन ओवरों के लिए सहेजना एक चतुर विकल्प हो सकता है, जिससे बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा जा सके।
रायपुर की परिस्थितियां भी मुकाबले को रोचक बनाती हैं। यहां ओस पड़ने की संभावना रहती है, ऐसे में बड़ा स्कोर भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता। हालिया उदाहरण बताते हैं कि चेज़ संभव है, इसलिए टॉस और रणनीति दोनों निर्णायक हो सकते हैं। भारत ने नागपुर में बड़ा स्कोर खड़ा कर ओस के असर को कम किया था—रायपुर में भी यही सोच काम आ सकती है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड वापसी के इरादे से उतरेगा। गेंदबाजी में पहले मैच की चूक से सबक लेकर कप्तान मिचेल सैंटनर अपनी योजनाओं में बदलाव कर सकते हैं। बल्लेबाजी में डेवोन कॉनवे के आउट होने के तरीके ने चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन यह टीम जल्दी संभलने के लिए जानी जाती है। रायपुर में हार उन्हें सीरीज़ में मुश्किल हालात में डाल देगी—यही वजह है कि मुकाबला पूरी तीव्रता के साथ खेला जाना तय है।
कुल मिलाकर, भारत लय और आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगा, जबकि न्यूज़ीलैंड के सामने खुद को साबित करने की चुनौती होगी। रायपुर की रात में रन, ओस और रणनीति—तीनों मिलकर इस टी20 को यादगार बना सकते हैं।