राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का भरोसा मिलने के बाद भारत अब वैश्विक खेल मंच पर अपनी मौजूदगी और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है। इसी कड़ी में भारत ने 2028 में होने वाली दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए औपचारिक बोली लगा दी है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने भुवनेश्वर में विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप और अहमदाबाद में विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप आयोजित करने की इच्छा जताई है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
अहमदाबाद को लेकर बोली की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। 2024 के अंत में World Athletics के प्रमुख Sebastian Coe के भारत दौरे के दौरान ही Athletics Federation of India ने 2028 विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए आधिकारिक प्रस्ताव सौंप दिया था। अब इसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए भुवनेश्वर को विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी दावेदार बनाया गया है।
ताजा घटनाक्रम में विश्व एथलेटिक्स की दो सदस्यीय टीम ने ओडिशा की राजधानी Bhubaneswar स्थित Kalinga Stadium परिसर में तैयार की गई अत्याधुनिक इंडोर सुविधा का निरीक्षण किया। इस दौरान विश्व एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष और पूर्व एएफआई अध्यक्ष Adille Sumariwalla के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण को सकारात्मक माना जा रहा है और इससे भारत की दावेदारी को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विश्व एथलेटिक्स मार्च महीने में 2028 और 2030 जूनियर विश्व चैंपियनशिप के मेजबान देशों की घोषणा करने वाला है। साथ ही इसी महीने 2028 विश्व इंडोर चैंपियनशिप के मेजबान शहर का नाम भी सामने आ सकता है। खास बात यह है कि भुवनेश्वर पहले से ही 2028 एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए बोली लगा चुका है और यही इंडोर स्टेडियम मार्च में भारत की पहली राष्ट्रीय इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी भी करने जा रहा है।
दूसरी ओर Ahmedabad को भारत के अगले बड़े स्पोर्ट्स हब के तौर पर तैयार किया जा रहा है। अहमदाबाद 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा और इसके साथ ही 2031 विश्व सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप तथा 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। अगर 2028 की विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप की मेजबानी अहमदाबाद को मिलती है, तो यह भारत के लंबे ओलंपिक सपने की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जाएगा।
कुल मिलाकर, भुवनेश्वर और अहमदाबाद के जरिए भारत एथलेटिक्स की वैश्विक मेजबानी का भरोसेमंद केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी समर्थन और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ बढ़ती साझेदारी यह संकेत दे रही है कि आने वाले वर्षों में भारत सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय आयोजनों का भी बड़ा मंच बन सकता है।