फूड डिलीवरी से लेकर क्विक कॉमर्स तक अपने कारोबार का दायरा लगातार बढ़ा रही Zomato ने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने Albinder Dhindsa को Zomato का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे दौर में हुई है जब कंपनी केवल फूड डिलीवरी तक सीमित न रहकर क्विक कॉमर्स और नए बिजनेस वर्टिकल्स पर आक्रामक दांव लगा रही है।
नई व्यवस्था के तहत Albinder Dhindsa, पैरेंट एंटिटी Eternal के भीतर Zomato के रोजमर्रा के ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, Zomato के संस्थापक दीपिंदर गोयल अब रणनीतिक स्तर पर पूरे समूह का मार्गदर्शन करते रहेंगे। यह बदलाव साफ संकेत देता है कि कंपनी ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन और लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी को अलग-अलग हाथों में सौंपकर ज्यादा फोकस्ड अप्रोच अपनाना चाहती है।
Albinder Dhindsa का नाम आज भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर में मजबूती और तेज़ ग्रोथ का पर्याय बन चुका है। उन्होंने Blinkit को एक स्टार्टअप से उठाकर देश के सबसे तेजी से बढ़ते इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स में शामिल कर दिया। आज Blinkit, Zomato ग्रुप की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम स्तंभ बन चुका है और इसी सफलता ने Dhindsa को CEO पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बनाया।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उतनी ही प्रभावशाली मानी जाती है। Albinder Dhindsa ने वर्ष 2000 से 2004 के बीच IIT दिल्ली से B.Tech की पढ़ाई की, जो देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित Columbia Business School से 2010 से 2012 के बीच MBA किया, जहां उन्हें रणनीति, फाइनेंस और लीडरशिप के वैश्विक मानकों की गहरी समझ मिली।
Blinkit की स्थापना से पहले Dhindsa का प्रोफेशनल अनुभव भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का रहा है। उन्होंने URS Corporation में ट्रांसपोर्टेशन एनालिस्ट के रूप में काम किया और Cambridge Systematics में सीनियर एसोसिएट की भूमिका निभाई। इसके अलावा, न्यूयॉर्क स्थित UBS Investment Bank में उनके संक्षिप्त कार्यकाल ने उन्हें ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स की बारीक समझ दी, जो आगे चलकर उनके बिजनेस फैसलों में काम आई।
Zomato और Dhindsa का रिश्ता नया नहीं है। उन्होंने 2011 में Zomato में हेड ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेशंस के तौर पर अपना सफर शुरू किया था। इसके बाद 2014 में उन्होंने Blinkit (तत्कालीन Grofers) की नींव रखी, जो आगे चलकर Zomato ग्रुप का सबसे अहम ग्रोथ इंजन बन गया। यही वजह है कि अब CEO के तौर पर उनकी वापसी को कंपनी के लिए एक स्ट्रैटेजिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
CEO की भूमिका में Albinder Dhindsa से यह उम्मीद की जा रही है कि वे फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स—दोनों बिजनेस को एक मजबूत तालमेल के साथ आगे बढ़ाएंगे। निवेशकों और बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि उनके नेतृत्व में Zomato किस तरह अपनी ग्रोथ को नई रफ्तार देता है और बदलते डिजिटल कंज्यूमर बिहेवियर के साथ खुद को अगले स्तर पर ले जाता है।