अडानी ग्रुप के शेयरों में भूचाल: 11% तक गिरावट, एक दिन में 1.1 लाख करोड़ का मार्केट कैप साफ—असल वजह क्या है?

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शुक्रवार को शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के निवेशकों के लिए दिन बेहद भारी साबित हुआ। कारोबार शुरू होते ही अडानी ग्रुप की ज्यादातर लिस्टेड कंपनियों में तेज बिकवाली देखने को मिली और कुछ ही घंटों में 5 से 11 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हो गई। नतीजा यह रहा कि महज एक दिन में ग्रुप का कुल मार्केट कैप करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये घट गया और यह फिसलकर लगभग 12.45 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। बाजार में यह गिरावट केवल भावनात्मक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

इस बिकवाली की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की बाजार नियामक संस्था U.S. Securities and Exchange Commission से जुड़ी एक रिपोर्ट को बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, एसईसी ने न्यूयॉर्क की एक अदालत से अनुमति मांगी है कि वह गौतम अडानी और ग्रुप के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी सागर अडानी को कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत से जुड़े मामले में ई-मेल के जरिए समन भेज सके। यह मामला अमेरिका में किसी भारतीय कॉरपोरेट समूह से जुड़ा अब तक का सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद माना जा रहा है, और इसी खबर ने बाजार में घबराहट को हवा दी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि एसईसी पिछले साल से ही गौतम अडानी और सागर अडानी को समन भेजने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत सरकार ने पहले ही दो बार इस प्रक्रिया को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एसईसी ने अदालत से कहा कि मौजूदा माध्यमों से समन पहुंचने की संभावना बेहद कम है, इसलिए ई-मेल के जरिए नोटिस भेजने की इजाजत दी जाए। इसी कानूनी पहलू के सामने आते ही निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई और उन्होंने अडानी ग्रुप के शेयरों में मुनाफावसूली और बिकवाली तेज कर दी।

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो दोपहर करीब 2 बजे Adani Enterprises का शेयर करीब 9 फीसदी टूटकर 1901 रुपये पर आ गया, जो मई 2023 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। Adani Green Energy में भी भारी दबाव दिखा और यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरकर 828 रुपये के आसपास आ गया, जबकि दिन के कारोबार में इसमें 11 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। Adani Energy Solutions का शेयर 10 फीसदी तक टूट गया, जो नवंबर 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही।

गिरावट यहीं नहीं रुकी। Adani Ports and SEZ करीब 4 फीसदी नीचे कारोबार करता दिखा। Adani Total Gas और Adani Power के शेयर भी लगभग 6-6 फीसदी लुढ़क गए। ग्रुप की सीमेंट कंपनियों पर भी दबाव साफ नजर आया, जहां एसीसी, अंबुजा सीमेंट और सांघी इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2.5 से 5.5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि वह कानूनी रूप से अपना बचाव करने के लिए सभी विकल्प अपनाएगा। इससे पहले भी गौतम अडानी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि ग्रुप पर न तो फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट के उल्लंघन का आरोप सिद्ध हुआ है और न ही न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का। बावजूद इसके, बाजार अक्सर तथ्यों से ज्यादा आशंकाओं पर प्रतिक्रिया करता है, और इस बार भी निवेशकों की चिंता शेयरों की कीमतों में साफ दिखाई दी।

कुल मिलाकर, अडानी ग्रुप के शेयरों में आई यह तेज गिरावट किसी तिमाही नतीजे या घरेलू नीति बदलाव से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी घटनाक्रम और उससे जुड़ी अनिश्चितता से प्रेरित मानी जा रही है। आने वाले दिनों में अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि इस मामले में आगे क्या रुख सामने आता है और क्या बाजार में भरोसा दोबारा लौट पाता है।

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