रायपुर में तेजी से बढ़ रही प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों के दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राजधानी में कलेक्टोरेट स्थित पंजीयन कार्यालय में रोज़ाना उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिले में कुल पांच नए मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की तैयारी की गई है। इनमें से तीन कार्यालय रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जबकि एक-एक कार्यालय धरसीवां और बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में खोला जाएगा। बजट में प्रावधान होने के बाद जिला पंजीयन विभाग ने इन नए कार्यालयों के लिए भवनों की तलाश भी शुरू कर दी है।
अब तक धरसीवां और बीरगांव के निवासियों को रजिस्ट्री कराने के लिए रायपुर शहर आना पड़ता था। दूरी ज्यादा होने और कलेक्टोरेट कार्यालय में भारी भीड़ के कारण लोगों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ता था। कई बार तो रजिस्ट्री के लिए एक-दो घंटे पहले ही घर से निकलना मजबूरी बन जाती थी। इन दोनों क्षेत्रों में रजिस्ट्री कार्यालय खुलने के बाद स्थानीय लोगों को शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय, पैसे और मेहनत—तीनों की बचत होगी।
पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए मॉडल रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए क्षेत्र का चयन कर लिया गया है और प्राथमिकता शासकीय भवनों को दी जा रही है। जहां सरकारी भवन उपलब्ध नहीं होंगे, वहां किराए के भवनों में रजिस्ट्री कार्यालय संचालित किए जाएंगे, ताकि काम में देरी न हो और लोगों को जल्द से जल्द सुविधा मिल सके।
रायपुर नगर निगम क्षेत्र में नए रजिस्ट्री कार्यालय कमल विहार, सड्डू और टाटीबंध इलाके में खोले जाएंगे। ये तीनों क्षेत्र कलेक्टोरेट स्थित वर्तमान पंजीयन कार्यालय से लगभग सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर हैं। इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है ताकि न सिर्फ शहरी बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी रजिस्ट्री के लिए लंबा सफर तय न करना पड़े। अभी तक इन सभी क्षेत्रों के लोग कलेक्टोरेट कार्यालय पर निर्भर थे, जिससे वहां लगातार भीड़ बनी रहती थी।
जिला पंजीयन अधिकारी विनोज कोचे के मुताबिक, रायपुर जिले में पांच नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने का प्रस्ताव है, जिसमें तीन रायपुर शहर और एक-एक धरसीवां व बीरगांव में होंगे। फिलहाल उपयुक्त शासकीय भवनों की तलाश जारी है और जहां यह संभव नहीं होगा, वहां किराए पर भवन लेकर कार्यालय शुरू किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, नए मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय खुलने से राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री प्रक्रिया न सिर्फ तेज़ होगी, बल्कि लोगों को भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक दौड़-भाग से बड़ी राहत मिलने वाली है।