भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील की घोषणा के बावजूद मंगलवार को शेयर बाजार उस उत्साह को संभाल नहीं पाया। सुबह की मजबूत शुरुआत के बाद कुछ ही घंटों में सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए और बाजार की दिशा बदल गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स जहां 81,899 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा, वहीं मुनाफावसूली और सेक्टर-स्पेसिफिक दबाव के चलते यह दिन के उच्च स्तर से करीब 500 अंक तक टूट गया।
बाजार की गिरावट की सबसे बड़ी वजह ऑटो सेक्टर में तेज बिकवाली रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत-EU ट्रेड डील के तहत यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती की संभावना है। इसी आशंका ने घरेलू ऑटो कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति जैसे बड़े नामों में भारी गिरावट दिखी, जिससे निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी कमजोर पड़ा।
इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा को और नकारात्मक कर दिया। जनवरी महीने में ज्यादातर सत्रों में एफआईआई नेट सेलर रहे हैं, जिसका असर हर उछाल पर मुनाफावसूली के रूप में दिख रहा है। डर के संकेतक इंडिया VIX में तेज उछाल ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया और जोखिम लेने की भूख कम कर दी।
हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली और दोपहर बाद हल्की रिकवरी आई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड दबाव में ही रहा। साफ है कि बड़ी डील की खबर के बावजूद सेक्टोरल चिंता, विदेशी निवेशकों की निकासी और बढ़ती अस्थिरता ने बाजार की चाल को थाम लिया।