राजधानी रायपुर के अनुपम नगर इलाके में पिटबुल डॉग के हमले का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। उधारी का पैसा वसूलने पहुंचे एक कारोबारी पर हमला किए जाने के मामले में खम्हारडीह थाना पुलिस ने पिटबुल के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि जनस्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल भी खड़ा कर रही है।
यह घटना 25 जनवरी की बताई जा रही है, जब सोफा और परदे की दुकान में काम करने वाला सुरेश यादव अपने कुछ साथियों के साथ अनुपम नगर निवासी चिकित्सक डॉ. अक्षय राव के घर बकाया राशि की मांग करने पहुंचा था। बताया जाता है कि शुरुआत में डॉक्टर ने भुगतान टालने की कोशिश की, लेकिन जब कारोबारी नहीं माने तो विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान डॉ. राव के घर से पिटबुल नस्ल के दो कुत्ते बाहर निकल आए। बाकी लोग किसी तरह भाग निकले, लेकिन सुरेश यादव को कुत्तों ने घेर लिया और उसके पैर समेत शरीर के कई हिस्सों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. अक्षय राव के पालतू पिटबुल पहले भी कई लोगों पर हमला कर चुके हैं, जिनमें कामवाली महिलाएं और सामान डिलीवरी करने वाले सेल्समैन भी शामिल हैं। बावजूद इसके, न तो कुत्तों को हटाया गया और न ही उन्हें सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया गया।
पीड़ित सुरेश यादव और हरीश संभारे की शिकायत पर पुलिस ने डॉ. अक्षय राव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 और 296 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को रखने और बार-बार हमलों के बावजूद लापरवाही बरतने में क्या-क्या नियमों का उल्लंघन हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम भी हरकत में आ गया है। निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही ने अनुपम नगर निवासी अक्षय राव को नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित पिटबुल नस्ल के कुत्ते को तत्काल सुरक्षित रूप से हटाया जाए या फिर बाड़ेबंदी कर पूरी तरह नियंत्रित अवस्था में बांधकर रखा जाए। निर्देशों की अनदेखी करने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जारी इस नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले 16 जुलाई 2024 को भी पिटबुल द्वारा डॉग बाइट की घटना के बाद डॉ. राव को नोटिस दिया जा चुका था। इसके बावजूद दोबारा हमला होना इसे जनस्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद गंभीर मामला बनाता है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में खम्हारडीह थाना क्षेत्र में इसी पिटबुल ने एक युवक के पैर को बुरी तरह नोच लिया था। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब जाकर डॉग मालिक ने किसी तरह युवक को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। अब एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत विवाद का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खतरा बन चुका है।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब देखना होगा कि इस मामले में आगे कितनी सख्ती दिखाई जाती है और क्या प्रतिबंधित पालतू कुत्तों को लेकर लापरवाही बरतने वालों पर वास्तव में कड़ा संदेश जाएगा या नहीं।