खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत Baloda Bazar जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। कलेक्टर Deepak Soni के मार्गदर्शन में जिले के 166 उपार्जन केंद्रों से खरीदी की प्रक्रिया लगातार जारी रही, जिसका असर यह रहा कि अधिकांश किसानों ने समय रहते अपना धान विक्रय कर दिया और लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा हो गया।
जिला खाद्य विभाग के मुताबिक जिले में पंजीकृत 1,67,120 किसानों में से 1,50,867 किसानों ने अब तक धान का विक्रय करा लिया है। यह आंकड़ा कुल पंजीकृत किसानों का करीब 90 प्रतिशत है, जो बताता है कि खरीदी अभियान अंतिम चरण में पूरी रफ्तार से आगे बढ़ चुका है। अब तक जिले में 7,42,443 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों के खातों में लगभग 1601 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस बड़े भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
इस वर्ष बलौदा बाजार जिले के लिए 9 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से करीब 7.5 लाख मीट्रिक टन की खरीदी पूरी हो चुकी है। यानी जिला अपने निर्धारित लक्ष्य के लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब खरीदी समाप्त होने में महज तीन दिन शेष हैं, जबकि अभी भी करीब 7 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने अपना धान विक्रय नहीं कराया है। प्रशासन की नजर अब इन अंतिम दिनों पर टिकी हुई है, ताकि कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य से वंचित न रह जाए।
धान उठाव की स्थिति भी संतोषजनक बताई जा रही है। अब तक 2,79,255 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है, जो जारी डीओ का करीब 70.66 प्रतिशत है। इसके साथ ही 1,23,867 किसानों से लगभग 7105 हेक्टेयर रकबा समर्पण भी कराया गया है, जिससे उपार्जन केंद्रों पर दबाव कम हुआ और व्यवस्था अधिक सुचारु बनी रही।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15 नवंबर 2025 से धान खरीदी का कार्य शुरू किया गया था। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर उपार्जन केंद्र पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो नियमित साप्ताहिक निरीक्षण कर रहे हैं। अवैध धान की रोकथाम के लिए संयुक्त टीमों द्वारा भी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित बनी रहे।