रायपुर के हीरापुर, मोहबाबाजार इलाके में स्थित एक प्ले स्कूल से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल की आया ने बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि आया ने बच्ची की छाती और गले पर हाथ रखकर उसका सिर दीवार पर पटक दिया। बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी आया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 23 जनवरी की बताई जा रही है और मामला Amanaka Police Station क्षेत्र का है।
टाटीबंध निवासी और पेशे से वकील अंकिता भार्गव ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी FirstCry Intellitots Pre School & Daycare में पढ़ती है। सरस्वती पूजा के दिन वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने पहुंची थीं। टिफिन खिलाने के बाद उन्होंने आया माधुरी को बच्ची का मुंह धुलवाकर लाने के लिए कहा। कुछ ही देर में आया बच्ची को लेकर लौटी, लेकिन तब बच्ची जोर-जोर से रो रही थी।
जब मां ने रोने की वजह पूछी तो आया ने झूठ बोलते हुए कहा कि हेयर बैंड गिरने की वजह से बच्ची रो रही है। मां को शक हुआ तो उन्होंने बच्ची से इशारे में पूछा। मासूम ने सिर की तरफ इशारा किया। जब मां ने सिर पर हाथ रखा तो वहां साफ सूजन महसूस हुई।
इसके बाद स्कूल प्रबंधन से CCTV फुटेज दिखाने की मांग की गई। फुटेज में जो सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। वीडियो में साफ दिखा कि आया बच्ची को बाथरूम से लाते वक्त जानबूझकर उसे दरवाजे की दीवार से चिपकाती है और धक्का देती हुई चौखट की ओर निकालती है, जिससे बच्ची का सिर दीवार और चौखट से टकरा जाता है। हैरानी की बात यह रही कि CCTV फुटेज सामने आने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्ची के इलाज के लिए कोई मदद नहीं की और मां प्राथमिक उपचार की मांग करती रह गई।
घर पहुंचने के बाद जब मां ने बच्ची से प्यार से पूछा तो मासूम ने इशारों में बताया कि आया आए दिन बच्चों के साथ मारपीट करती थी। इतना ही नहीं, बच्ची और एक अन्य महिला से यह भी जानकारी मिली कि 19 जनवरी को स्कूल में एक कार्यक्रम था, जिसमें बच्चों को 26 जनवरी की थीम में तैयार होकर आना था। जो बच्चे तय थीम में नहीं पहुंचे, उन्हें बिना अभिभावकों को बताए कमरे में बंद कर दिया गया था।
इस घटना के बाद तीन साल की बच्ची गहरे सदमे और डर में है। मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी आया के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर प्ले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।