भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रीमियम सेगमेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी बना चुकी BYD को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की प्रीमियम इलेक्ट्रिक सेडान BYD Seal में तकनीकी खामी की आशंका जताई गई है, जिसके बाद भारत में इसका रिकॉल जारी किया गया है। यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि ग्राहकों की सुरक्षा और भरोसे से कोई समझौता न हो।
जानकारी के अनुसार, BYD Seal की हाई-वोल्टेज बैटरी से जुड़ी संभावित समस्या सामने आई है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बैटरी के कुछ सेल्स में डिफेक्ट होने की आशंका है, जो लंबे समय में परफॉर्मेंस और सेफ्टी से जुड़ा जोखिम पैदा कर सकती है। इसी कारण कंपनी ने प्रभावित यूनिट्स की जांच के लिए उन्हें सर्विस सेंटर बुलाने का फैसला लिया है।
फिलहाल BYD ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत में कितनी यूनिट्स इस रिकॉल के दायरे में आई हैं। कंपनी का कहना है कि केवल वही गाड़ियां जांच के लिए बुलाई जा रही हैं, जिनमें इस संभावित खराबी की संभावना पाई गई है। यानी सभी BYD Seal कारें इससे प्रभावित नहीं हैं।
कंपनी ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि इस रिकॉल के तहत किसी भी तरह का खर्च उनसे नहीं लिया जाएगा। अगर जांच के दौरान बैटरी या उससे जुड़े किसी पार्ट में खामी पाई जाती है, तो उसे पूरी तरह मुफ्त में बदला जाएगा। BYD का कहना है कि ग्राहक संतुष्टि और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
रिकॉल की जानकारी प्रभावित ग्राहकों को सीधे ई-मेल, फोन कॉल और मैसेज के जरिए दी जा रही है। साथ ही आगे की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है। जिन ग्राहकों को BYD की तरफ से नोटिस मिला है, उन्हें अपनी कार नजदीकी अधिकृत BYD सर्विस सेंटर पर ले जानी होगी, जहां विशेषज्ञ बैटरी की पूरी जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर जरूरी बदलाव करेंगे।
कुल मिलाकर, BYD Seal का यह रिकॉल कंपनी की ओर से एक एहतियाती और जिम्मेदार कदम माना जा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता भारत में भी सेफ्टी मानकों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।