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Bulldozer Action Gurgaon: कांग्रेस नेता राजेश यादव के गोदाम पर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण के नाम पर मलबे में बदली करोड़ों की संपत्ति

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गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सियासी तापमान चढ़ गया है। बुधवार को बादशाहपुर इलाके में नगर निगम के दस्ते ने कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता Rajesh Yadav के गोदाम को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने इसे अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बताया, जबकि कांग्रेस नेता ने इसे राजनीतिक साजिश और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

सुबह करीब 11 बजे भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम Badshahpur गांव (सेक्टर-69) पहुंची। करीब तीन घंटे चली कार्रवाई में गोदाम को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया और कुछ ही घंटों में यह करोड़ों की संपत्ति मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और निर्माण अवैध था, इसलिए किसी तरह की छूट नहीं दी गई।

राजेश यादव के लिए यह पहली कार्रवाई नहीं है। पिछले चार महीनों में यह उनकी संपत्तियों पर तीसरी बार बुलडोजर चला है। इससे पहले अक्टूबर में सेक्टर-68 स्थित उनका फर्नीचर शोरूम तोड़ा गया था। जनवरी की शुरुआत में Haryana Shehri Vikas Pradhikaran ने सेक्टर-69 और 70 के बीच सड़क निर्माण के लिए उनका पुश्तैनी मकान भी गिरा दिया था, जिसके बदले किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया। यादव का दावा है कि गोदाम का मामला Punjab and Haryana High Court में विचाराधीन है और 9 अप्रैल को सुनवाई तय है, इसके बावजूद कार्रवाई कर दी गई।

कांग्रेस नेता ने इस पूरे घटनाक्रम को द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि यह हरियाणा सरकार के एक ताकतवर मंत्री के इशारे पर हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के अवैध निर्माणों पर आंखें मूंद ली जाती हैं, जबकि विपक्ष की आवाज उठाने वालों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। राजेश यादव ने कहा कि वे बुलडोजर से डरने वाले नहीं हैं और यह कार्रवाई लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश है। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

गुरुग्राम में यह कार्रवाई एक बार फिर बुलडोजर पॉलिटिक्स को लेकर बहस छेड़ गई है—क्या यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की मुहिम है या फिर राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने का तरीका, इसका जवाब आने वाले दिनों में अदालत और राजनीति दोनों में तलाशा जाएगा।

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