गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद शानदार कमबैक दिखाया। सुबह दबाव में खुले सेंसेक्स और निफ्टी दोपहर तक पूरी तरह संभल गए और हरे निशान में लौट आए। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स ने करीब 850 अंकों की जोरदार रिकवरी दर्ज की, जबकि निफ्टी एक बार फिर 25,400 के ऊपर टिकने में सफल रहा। इस तेज पलटवार ने निवेशकों का भरोसा लौटाया, भले ही बाजार की चौड़ाई कमजोर ही बनी रही।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 81,707 तक फिसल गया था, लेकिन वहां से तेजी से उछलकर दोपहर 3 बजे 310 अंकों की बढ़त के साथ 82,650 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी भी 25,238 के निचले स्तर से वापसी करते हुए 105 अंकों की मजबूती के साथ 25,449 के पास पहुंच गया। हालांकि तेजी के बावजूद आंकड़े बताते हैं कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वालों से ज्यादा रही, जिससे यह साफ है कि रिकवरी चुनिंदा शेयरों के दम पर हुई।
बाजार की इस वापसी के पीछे सबसे बड़ा कारण सेंसेक्स की मंथली डेरिवेटिव एक्सपायरी रही, जिसने दिनभर वोलैटिलिटी बनाए रखी। इंडिया VIX में करीब 2 फीसदी की बढ़त ने निवेशकों की सतर्कता को दिखाया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 25,200 और 82,000 के स्तर बाजार के लिए मजबूत सपोर्ट बने हुए हैं। इनके ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 25,500 से आगे की चाल की संभावना बनी हुई है, जबकि नीचे फिसलने पर दबाव फिर लौट सकता है।
करीब 15 सत्रों के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी ने भी बाजार को सहारा दिया। एफआईआई ने कैश मार्केट में लगभग 480 करोड़ रुपये की खरीदारी की, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मजबूती से 3,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया। जानकारों का कहना है कि भारत-ईयू ट्रेड डील के बाद अगर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो इससे बाजार की धारणा और मजबूत हो सकती है।
सेक्टोरल फ्रंट पर मेटल शेयरों ने बाजी मार ली। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2 फीसदी चढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। कॉपर की वैश्विक कीमतों में उछाल और कमजोर डॉलर का सीधा फायदा इस सेक्टर को मिला। हिंदुस्तान कॉपर में 20 फीसदी की जोरदार तेजी आई, जबकि नाल्को, हिंदाल्को और हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। कुल मिलाकर, दिनभर की उठा-पटक के बाद बाजार ने यह साफ कर दिया कि गिरावट पर खरीदारी का मूड अब भी बरकरार है।