AI का महाकुंभ: भारत मंडपम में सजेगा इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, दुनिया की नजरें भारत पर

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नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक मंच पर इतिहास रचने जा रही है। 16 से 20 फरवरी के बीच भारत मंडपम ऐसा केंद्र बनने वाला है, जहां पूरी दुनिया की एआई ताकत एक साथ जुटेगी। India AI Impact Summit 2026 को लेकर उत्साह चरम पर है और केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw का दावा है कि यह सम्मेलन निवेश, तकनीक और वैश्विक भागीदारी—तीनों लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा एआई आयोजन साबित होगा।

नई दिल्ली का Bharat Mandapam इन पांच दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ग्लोबल हब बन जाएगा। यहां न सिर्फ भविष्य की तकनीक पर चर्चा होगी, बल्कि अरबों डॉलर के निवेश, नीति निर्धारण और नवाचार की दिशा भी तय होगी। एआई के क्षेत्र में अब तक करीब 70 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा हो चुकी है और सम्मेलन के समापन तक इसके दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है।

यह समिट सिर्फ पैसों का खेल नहीं है, बल्कि तकनीक का महासंगम भी है। दुनिया की बड़ी आईटी कंपनियां अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 200 से ज्यादा नए एआई मॉडल पेश करने जा रही हैं। स्टार्टअप्स, सरकारी विभाग और वैश्विक टेक दिग्गज—सब एक ही मंच पर नजर आएंगे। प्रदर्शनी क्षेत्र में 840 से अधिक स्टॉल्स लगेंगे, जो भारत की बढ़ती डिजिटल ताकत को दुनिया के सामने पेश करेंगे।

इस वैश्विक आयोजन की तैयारी भी अपने आप में मिसाल है। सम्मेलन से पहले 30 देशों में 480 से ज्यादा प्री-इवेंट्स आयोजित किए जा चुके हैं। मुख्य समिट के दौरान 500 विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें Google, OpenAI, NVIDIA और Reliance Jio जैसी दिग्गज कंपनियों की भागीदारी रहेगी। इसके साथ ही 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 40 से अधिक मंत्री और 100 से ज्यादा वैश्विक सीईओ भी इस मंच का हिस्सा बनेंगे।

सरकार का फोकस केवल तकनीक दिखाने तक सीमित नहीं है। मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत में एआई का इस्तेमाल अब प्रयोग के स्तर से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं के समाधान की ओर जा चुका है। योजना है कि देश की 500 यूनिवर्सिटीज तक एआई कोर्स और सुविधाएं पहुंचाई जाएं, ताकि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके। इसी मौके पर “द इम्पैक्ट एजेंडा” नामक पुस्तक भी जारी की गई है, जिसमें एआई इंडस्ट्री के 60 प्रमुख विशेषज्ञों के विचार शामिल हैं।

आईटी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने इस सम्मेलन के मूल उद्देश्य को साफ शब्दों में रखा—एआई को समावेशी और सुरक्षित बनाना। भारत चाहता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ हो। इसी सोच के साथ नीति, नैतिकता और सुरक्षा जैसे मुद्दे भी इस समिट का अहम हिस्सा होंगे।

कुल मिलाकर, इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य का घोषणापत्र है। जब दुनिया की सबसे बड़ी एआई ताकतें एक साथ भारत मंडपम में जुटेंगी, तब यह साफ संदेश जाएगा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा तय करने में भारत की भूमिका निर्णायक होने वाली है।

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