जिला शिक्षा अग्निकांड: फाइनल रिपोर्ट, 19 अलमारियां जली, दस्तावेज से भरे 150 बस्ते भी खाक, पर साजिश नहीं

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रायपुर – जिला शिक्षा कार्यालय में लगी आग को समिति ने हादसा ही माना और साजिश के अंदेशे को खारिज करते हुए कार्यालय को क्लीन चिट दे दिया। समिति ने इसे दुर्भाग्यजनक माना है। 17 जनवरी को रायपुर जिला शिक्षा कार्यालय में आगजनी हुई थी। इसमें कई अहम दस्तावेज जलकर खाक हो गए थे। आग इतनी भयानक थी कि कक्ष के भीतर तक जाने कुछ दीवारों को तोड़ना भी पड़ा था। 12 घंटे से अधिक समय पश्चात आग पर काबू पाया जा सका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगजनी की जांच के लिए समिति गठित की गई थी।

इस समिति को पांच दिनों के भीतर लोक शिक्षण संचालनालय को अपनी रिपोर्ट पेश करनी थी। समिति ने दस दिनों पश्चात अपनी रिपोर्ट डीपीआई को सौंपी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यह आग हादसा थी। किसी भी तरह की साजिश से इंकार किया गया है। इसके अलावा समिति ने उन दस्तावेजों का भी जिक्र किया है, जो आगजनी में जलकर खाक हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 19 अलमारियां इस आगजनी में नष्ट हुई हैं। इनमें दस्तावेजों से भरे 150 बस्ते थे। समिति ने साजिश से इंकार किया है, लेकिन कार्यालय में आगजनी से निपटने पुख्ता इंतजाम ना होने की बात भी कही है। डीपीआई द्वारा गठित इस तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव कर रहे थे। टीम में डीपीआई के सहायक संचालक बजरंग प्रजापति और सतीश नायर भी थे।

14 लाख की हानि
समिति ने उन उपकरणों और वस्तुओं का भी आर्थिक ब्यौरा तैयार किया है, जो आग में जलकर खाक हो गए थे। आग में जलकर नष्ट हुए उपकरण और अन्य वस्तुओं की कीमतें कितनी थी, यह भी समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, जले हुए उपकरणों की कीमत लगभग 14 लाख रुपए है। इसमें अलमारियां, बस्ते सहित अन्य चीजें भी शामिल हैं। रिपोर्ट तैयार करने के पूर्व समिति ने कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी लिए। उनके बयान के आधार पर ही जली हुई सामग्री की कीमतों का अनुमान लगाया गया है।

दूसरी जांच अभी जारी
डीपीआई द्वारा बैठाई गई जांच कमेटी के अलावा फॉरेंसिक जांच भी चल रही है। फॉरेंसिक टीम 17 जनवरी की मध्यरात्रि आग लगने के बाद अगले दिन जांच के लिए पहुंची थी। उन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए थे। इनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मान्यता, आरटीई, स्थापना तथा छात्रवृत्ति से जुड़े दस्तावेजों के जलने की पुष्टि डीपीआई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में की है। गौरतलब है कि हरिभूमि ने पहले ही इन दस्तावेजों के जलने की खबर प्रकाशित की थी।

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