1 फरवरी से बदल गए ये 6 नियम : सिगरेट हुई 40% तक महंगी, गैस सिलेंडर के दाम बढ़े और फास्टैग के नियमों में मिली राहत

Spread the love

नई दिल्ली – आज से नए महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की रसोई से लेकर सड़क पर चलने वाले वाहनों तक के नियम बदल गए हैं।सरकार और तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया है, वहीं बजट प्रावधानों के चलते तंबाकू उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। दूसरी ओर, वाहन चालकों को फास्टैग के केवाईसी (KYC) नियमों में एक बड़ी राहत दी गई है।

​1. सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर महंगाई की मार

​आज से सिगरेट पीना और भी महंगा हो गया है। नई टैक्स दरों और सेस के प्रभावी होने के चलते सिगरेट के दामों में 40% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का उद्देश्य तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना है।

इसका सीधा असर रिटेल मार्केट में ब्रांडेड सिगरेट की डिब्बियों पर देखने को मिलेगा, जिनकी कीमतें आज सुबह से ही बढ़ी हुई दरों पर वसूली जा रही हैं।

​2. कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 महंगा

​तेल कंपनियों ने 1 फरवरी को एलपीजी के नए रेट जारी कर दिए हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो) की कीमत में 50 रुपये का इजाफा किया गया है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं कर आम गृहिणियों को राहत दी गई है।

कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल और रेस्टोरेंट का खाना आज से महंगा हो सकता है।

​3. फास्टैग (Fastag): अब KYC वेरिफिकेशन की अनिवार्यता खत्म

​वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी सुखद खबर है। अब फास्टैग के लिए बार-बार KYC वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने नियमों को सरल बनाते हुए पुराने फास्टैग को तब तक वैध रखने का फैसला किया है जब तक उसमें बैलेंस है।

इससे टोल प्लाजा पर होने वाली तकनीकी दिक्कतों और लंबी लाइनों से राहत मिलने की उम्मीद है।

​4. हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में बदलाव

​वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच विमान ईंधन यानी एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में भी संशोधन किया गया है। इसका सीधा असर हवाई यात्रा के किराए पर पड़ सकता है।

यदि एटीएफ के दाम बढ़ते हैं, तो आगामी हफ्तों में विमान कंपनियां हवाई टिकटों की कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं।

​4. संपत्ति की रजिस्ट्री: अब आधार ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक अनिवार्य

​1 फरवरी 2026 से उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने संपत्ति की रजिस्ट्री के नियमों को सख्त कर दिया है। अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के वक्त खरीदार, विक्रेता और गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट या फेस वेरिफिकेशन के जरिए अपनी पहचान साबित करनी होगी।

इसका मुख्य उद्देश्य जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े और ‘बेनामी’ संपत्तियों पर लगाम लगाना है। केंद्र सरकार इसे ‘वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन’ के तहत जल्द ही पूरे देश में लागू करने की तैयारी में है।

​5. RBI की बैठक: 0.25% घट सकती है ब्याज दर, सस्ती होगी आपकी EMI

​भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 4 से 6 फरवरी 2026 तक होने वाली है। यह वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी बैठक होगी, जिसमें उम्मीद जताई जा रही है कि RBI रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर इसे 5% तक ला सकता है।

यदि ऐसा होता है, तो बैंकों से मिलने वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन सस्ते हो जाएंगे, जिससे आम आदमी की मासिक EMI का बोझ काफी कम हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *