सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के विक्रेताओं के लिए 30 जनवरी, 2026 को इस्पात भवन में एक विशेष वेंडर डेवलपमेंट कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एससी/एसटी वर्ग के विक्रेताओं को भिलाई इस्पात संयंत्र के साथ पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करना, उन्हें बीएसपी के ई-टेंडर पोर्टल (एसआरएम प्लेटफॉर्म) की जानकारी देना, टेंडर प्रक्रिया से अवगत कराना तथा उनके व्यवसायिक विकास को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में कुल 22 विक्रेताओं ने ऑनलाइन (ज़ूम) एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर वेंडर डेवलपमेंट सेल के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बीएसपी की विभिन्न श्रेणियों में आवश्यक सामग्रियों, वेंडर पंजीकरण प्रक्रिया तथा अवसरों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि वर्तमान में 47 टेंडर्स विशेष रूप से एससी/एसटी उद्यमियों के लिए आरक्षित की गई हैं तथा भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही ई-टेंडर पोर्टल पर एक विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी गई, जिसमें वेंडर लॉग-इन, टेंडर सबमिशन प्रक्रिया एवं अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वेंडर डेवलपमेंट सेल के प्रभारी श्री एम. शर्मा ने विक्रेताओं से भिलाई इस्पात संयंत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जा रही सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यशाला का संचालन वेंडर हेल्प डेस्क से श्री पी. जनबंधु एवं सुश्री उपासना देशमुख द्वारा किया गया।
प्रतिभागियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।