रायपुर एक ऐतिहासिक सुबह का साक्षी बनने जा रहा है, जब नवा रायपुर में प्रदेश के पहले अत्याधुनिक अंतरिक्ष केंद्र का भव्य लोकार्पण होगा। यह केंद्र न सिर्फ तकनीक और नवाचार का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सपनों को कक्षा में बदलने की ठोस शुरुआत भी है। सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस महत्वाकांक्षी केंद्र का लोकार्पण करेंगे, जहां शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और मंत्री गुरु खुशवंत साहब की मौजूदगी कार्यक्रम को और गरिमा देगी।
नवा रायपुर के राखी क्षेत्र में स्थापित यह स्पेस सेंटर ISRO के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। जिला प्रशासन रायपुर, IDYM फाउंडेशन और सारडा एनर्जी के संयुक्त प्रयास से आकार ले चुका यह केंद्र छात्रों को किताबों की सीमाओं से निकालकर वास्तविक और प्रायोगिक अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने का मंच बनेगा। यहां तकनीक सिर्फ दिखेगी नहीं, बल्कि समझी जाएगी—डिज़ाइन से लेकर मिशन तक।
लोकार्पण के साथ ही ‘अंतरिक्ष संगवारी’ प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत भी होगी, जिसका मकसद छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्पेस साइंस की मुख्यधारा से जोड़ना है। सैटेलाइट निर्माण, परीक्षण और संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव देकर यह पहल विज्ञान, नवाचार और तकनीकी दक्षता को जमीनी स्तर पर मज़बूत करेगी। केंद्र में क्लीन रूम लैब, सैटेलाइट डिज़ाइन एवं निर्माण लैब, ग्राउंड स्टेशन और मिशन कंट्रोल सेंटर जैसी सुविधाएं छात्रों को वास्तविक मिशन की कार्यप्रणाली से रूबरू कराएंगी।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण भारत के गगनयान मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ आगमन है। पहली बार राज्य आ रहे शुक्ला इस प्रोजेक्ट के ब्रांड एंबेसडर होंगे और छात्रों को सैटेलाइट का प्रैक्टिकल ज्ञान, सीधा संवाद, प्रेरणा और करियर मार्गदर्शन देंगे। उनका अनुभव और दृष्टि युवाओं में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर नई उड़ान भरने का साहस जगाएगी।
विशेषज्ञों की मानें तो यह केंद्र आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष शिक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी का उभरता हब बना सकता है। विज्ञान शिक्षा में यह निवेश भविष्य की पीढ़ी को न सिर्फ प्रेरित करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी भी बनाएगा—जहां सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, पूरे किए जाते हैं।