अगर रोज़ाना के पराठे, पोहा और उपमा से मन ऊब गया है और सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा चाहिए जो झटपट बने और दिल जीत ले, तो मेदू पकोड़ा बिल्कुल सही ट्विस्ट है। यह साउथ इंडियन मेदू वड़ा की सॉफ्टनेस और देसी पकोड़े की कुरकुराहट का ऐसा फ्यूजन है, जो पहली ही बाइट में पसंद आ जाता है। बाहर से क्रिस्प, अंदर से मुलायम—और वो भी कम सामग्री में, बिना किसी झंझट के।
मेदू पकोड़ा बनाने की शुरुआत भिगोई हुई उड़द दाल से होती है। दाल का पानी निकालकर बहुत कम पानी के साथ इसे मिक्सर में गाढ़ा और स्मूद पीस लिया जाता है, ताकि बैटर पतला न पड़े और तलते वक्त पकोड़े कुरकुरे बनें। तैयार बैटर में बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया अदरक, करी पत्ता, जीरा, एक चुटकी हींग और स्वादानुसार नमक मिलाकर अच्छी तरह फेंटना ज़रूरी है। दो-तीन मिनट तक फेंटने से बैटर हल्का और फूला हुआ हो जाता है, जो परफेक्ट टेक्सचर की कुंजी है।
अब कढ़ाही में तेल गरम करें और आंच मीडियम रखें। हाथ या चम्मच से बैटर लेकर छोटे-छोटे पकोड़े तेल में डालें। चाहें तो हल्का सा छेद बनाकर इन्हें मेदू वड़ा जैसा शेप दे सकते हैं। धीमी आंच पर पलट-पलट कर तलें, जब तक पकोड़े सुनहरे और खस्ता न हो जाएं। तैयार पकोड़ों को टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
गरमा-गरम मेदू पकोड़े नारियल चटनी, टमाटर चटनी या हरी धनिया चटनी के साथ कमाल लगते हैं। सांभर के साथ परोसें तो स्वाद और भी उभर जाता है। ब्रेकफास्ट हो या शाम की चाय, बच्चों से लेकर बड़ों तक—ये पकोड़े सबका दिल जीत लेते हैं।