राजधानी रायपुर के लिए एक बड़ी और दूरगामी सौगात की राह खुलती दिख रही है। प्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। यह जानकारी लोकसभा में सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल के सवाल के जवाब में सामने आई है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री जयंत चौधरी ने सदन को बताया कि रायपुर में एनएसटीआई खोलने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का औपचारिक अनुरोध किया गया है। जैसे ही भूमि उपलब्ध होगी, इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
यह संस्थान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगारपरकता परिवर्तन यानी पीएम-सेतु योजना के तहत स्थापित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य देशभर के आईटीआई और एनएसटीआई को आधुनिक, उद्योग-अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि युवाओं को केवल सर्टिफिकेट नहीं बल्कि सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। केंद्र सरकार इस दिशा में कौशल शिक्षा को पारंपरिक ढांचे से निकालकर तकनीक और इंडस्ट्री की मांगों के साथ जोड़ने पर जोर दे रही है।
रायपुर में एनएसटीआई की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, उन्नत तकनीकी ट्रेड, प्रशिक्षकों का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और उद्योग आधारित स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस रहेगा। इससे राज्य के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण मिलेगा और उनकी रोजगार क्षमता राष्ट्रीय स्तर पर कहीं अधिक मजबूत होगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि एनएसटीआई के लिए जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह महत्वपूर्ण परियोजना कागजों से निकलकर जमीन पर उतर सके। अगर यह संस्थान रायपुर में स्थापित होता है, तो न सिर्फ राजधानी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।