वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने एक बार फिर फ्री यूजर्स को झटका दिया है। अब मोबाइल पर स्क्रीन ऑफ करके या किसी दूसरे ऐप का इस्तेमाल करते हुए यूट्यूब चलाने की सुविधा लगभग खत्म की जा रही है। जिन यूजर्स ने अब तक बिना प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के बैकग्राउंड प्लेबैक का रास्ता निकाल रखा था, उनके लिए यह दरवाजा भी बंद होता दिख रहा है।
असल में बैकग्राउंड प्लेबैक वह फीचर है, जिसकी मदद से स्क्रीन लॉक होने या दूसरे ऐप खोलने के बाद भी यूट्यूब का ऑडियो चलता रहता है। म्यूजिक, भजन, मोटिवेशनल वीडियो और पॉडकास्ट सुनने वालों के बीच यह सुविधा बेहद लोकप्रिय रही है। कंपनी ने इसे कई साल पहले YouTube Premium का एक्सक्लूसिव फीचर बना दिया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में यूजर्स थर्ड-पार्टी मोबाइल ब्राउजर्स के जरिए इसे फ्री में इस्तेमाल कर रहे थे।
ये थर्ड-पार्टी ब्राउजर्स यूट्यूब को सीधे आधिकारिक एंड्रॉयड ऐप में रीडायरेक्ट नहीं करते थे। इसी तकनीकी खामी का फायदा उठाकर लोग बिना प्रीमियम के भी बैकग्राउंड में ऑडियो सुन पा रहे थे। अब यहीं पर यूट्यूब ने सख्ती दिखाई है। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने सेटिंग्स और कोड लेवल पर बदलाव शुरू कर दिए हैं, जिससे फ्री अकाउंट्स पर बैकग्राउंड प्लेबैक काम करना बंद हो जाएगा, चाहे वीडियो ब्राउजर में ही क्यों न चलाया जा रहा हो।
कंपनी का साफ कहना है कि बैकग्राउंड प्लेबैक एक पेड सुविधा है और इसे केवल प्रीमियम सब्सक्राइबर्स के लिए ही डिजाइन किया गया है। पहले कुछ मामलों में नॉन-प्रीमियम यूजर्स अलग-अलग तरीकों से इसका फायदा उठा पा रहे थे, लेकिन अब यूट्यूब सभी प्लेटफॉर्म्स पर एक जैसा अनुभव लागू करना चाहता है। हालांकि यूट्यूब किसी थर्ड-पार्टी ऐप या ब्राउजर को पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन अपने सिस्टम में बदलाव करके वह ऐसे फीचर्स को काफी हद तक सीमित कर सकता है।
इस फैसले का सीधा असर उन यूजर्स पर पड़ेगा, जो यूट्यूब को म्यूजिक ऐप की तरह इस्तेमाल करते थे। अब उन्हें या तो स्क्रीन ऑन रखनी होगी या फिर प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा। कुल मिलाकर यूट्यूब का यह कदम साफ संकेत देता है कि कंपनी फ्री और पेड यूजर्स के बीच की लाइन और सख्त करने के मूड में है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग प्रीमियम की ओर शिफ्ट हों।