बीते कुछ दिनों से सोना-चांदी जिस तेज़ी के साथ आसमान छू रहे थे, गुरुवार को वही रफ्तार अचानक थमती नजर आई। अमेरिका–भारत ट्रेड डील के बाद 3 और 4 फरवरी को सर्राफा बाजार में आई जबरदस्त तेजी के उलट 5 फरवरी को तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आज बाजार में भारी बिकवाली के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और खरीदारों—दोनों को चौंका दिया।
सर्राफा बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक चांदी की कीमत में एक ही दिन में करीब ₹25,000 प्रति किलो की तेज गिरावट आई है। वहीं सोना भी दबाव में रहा और प्रति 10 ग्राम लगभग ₹1,800 सस्ता हो गया। हाल के रिकॉर्ड स्तरों के बाद आई इस गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है।
गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ एक दिन पहले, यानी 4 फरवरी को ही सोने-चांदी ने नए रिकॉर्ड बनाए थे। चांदी ₹14,300 की छलांग लगाकर करीब ₹2,98,300 प्रति किलो तक पहुंच गई थी, जबकि इससे पहले इसका भाव ₹2,84,000 प्रति किलो रहा था। इसी तरह 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी ₹7,400 की तेज उछाल के साथ लगभग ₹1,65,100 प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था। यह तेजी टैक्स सहित कीमतों में दर्ज की गई थी, जिसने बाजार में उत्साह का माहौल बना दिया था।
लेकिन आज वही उत्साह ठंडा पड़ता दिखा। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि हालिया तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली सबसे बड़ा कारण रही। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मिश्रित संकेत, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और बॉन्ड यील्ड में हलचल ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। नतीजा यह रहा कि सोना और चांदी दोनों ही फिसल गए।
कुल मिलाकर, सर्राफा बाजार में यह गिरावट संकेत देती है कि कीमतें फिलहाल स्थिर नहीं हैं और निवेशकों को सतर्क रहकर कदम उठाने की जरूरत है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेत और वैश्विक आर्थिक घटनाएं ही तय करेंगी कि सोना-चांदी फिर संभलते हैं या दबाव बना रहता है।