अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की ओर से जो आक्रामक तेवर देखने को मिले, उसके केंद्र में रहे युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी। 311 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव ने शुरुआत से ही अफगानिस्तान के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया और भारतीय पारी को तेज़ रफ्तार दी। उनकी यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने वाली साबित हुई।
ओपनिंग में एरॉन जॉर्ज के साथ मिलकर वैभव सूर्यवंशी ने महज़ 9 ओवर में 90 रन जोड़ दिए। एक छोर पर जॉर्ज ने संयम बनाए रखा, वहीं दूसरे छोर से वैभव ने ताबड़तोड़ शॉट्स की बरसात कर दी। सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा करना उनकी निडर बल्लेबाज़ी का साफ सबूत था। इस दौरान उनके बल्ले से 9 चौके और 4 छक्के निकले, जिसने स्टेडियम का माहौल पूरी तरह बदल दिया।
वैभव 33 गेंदों पर 68 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक वह भारत को वह शुरुआत दे चुके थे जिसकी बड़े लक्ष्य के पीछा में ज़रूरत थी। खास बात यह रही कि उनके 50 रनों में से 44 रन सीधे बाउंड्री से आए, जो उनके आक्रामक इरादों को दिखाता है। इस सेमीफाइनल पारी के साथ उन्होंने यह भी साबित किया कि उनका ग्रुप स्टेज और सुपर सिक्स का प्रदर्शन कोई संयोग नहीं था। इससे पहले वह बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ भी तेज़ अर्धशतक जड़ चुके हैं।
इससे पहले अफगानिस्तान अंडर-19 ने फैसल शिनोजादा और उजैरुल्लाह नियाजई की शतकीय पारियों के दम पर 310/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। ऐसे दबाव भरे लक्ष्य के सामने भारत को जिस आक्रामक शुरुआत की ज़रूरत थी, वैभव सूर्यवंशी ने वही काम बखूबी किया। उनकी और एरॉन जॉर्ज की साझेदारी ने भारत को रन रेट के खेल में आगे बनाए रखा और सेमीफाइनल को रोमांचक मोड़ दे दिया।
कुल मिलाकर, वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक फिफ्टी नहीं, बल्कि बड़े मैच के बड़े खिलाड़ी होने का ऐलान थी।