आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार और आर्थिक विकास का बड़ा इंजन बनने की दहलीज पर खड़ा है। दुनिया की दिग्गज चिप कंपनी NVIDIA के सीईओ जेन्सन हुआंग ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि जिस तरह इंटरनेट ने एक दौर में लाखों नई नौकरियां पैदा की थीं, उसी तरह AI डेटा सेंटर भारत में एक बार फिर जॉब बूम लेकर आएंगे।
जेन्सन हुआंग के मुताबिक, AI डेटा सेंटर केवल सॉफ्टवेयर इंजीनियरों या डेटा साइंटिस्ट्स तक सीमित नहीं रहेंगे। इनके निर्माण से लेकर संचालन तक, रोजगार के अवसर कई स्तरों पर पैदा होंगे। डेटा सेंटर बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, कूलिंग सिस्टम, नेटवर्किंग, हार्डवेयर सप्लाई और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत पड़ेगी। इसका सीधा फायदा कंस्ट्रक्शन सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन से जुड़े लाखों वर्कर्स को मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जब एक AI डेटा सेंटर किसी शहर या राज्य में स्थापित होता है, तो उसके आसपास पूरा इकोसिस्टम विकसित होता है। स्टार्टअप्स, क्लाउड सर्विसेज, AI एप्लिकेशन, हेल्थटेक, फिनटेक और एजुकेशन टेक जैसी इंडस्ट्रीज को नई रफ्तार मिलती है। इससे हाई-स्किल और मिड-स्किल दोनों तरह की नौकरियां तेजी से बढ़ती हैं। यानी AI का असर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी रोजगार के नए मौके बन सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत सरकार भी AI और डेटा सेंटर सेक्टर को आक्रामक तरीके से बढ़ावा दे रही है। बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया है कि भारत में बने डेटा सेंटर का इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को साल 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्लोबल टेक कंपनियां भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करेंगी और देश को एक ग्लोबल डेटा और AI हब के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
AI डेटा सेंटर के बढ़ने से स्किल डेवलपमेंट की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। नेटवर्क इंजीनियर, AI ट्रेनर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, डेटा एनालिस्ट और टेक्निकल मेंटेनेंस जैसे प्रोफाइल्स की जरूरत कई गुना बढ़ने की संभावना है। जानकारों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में AI से जुड़ी नौकरियां भारत के युवाओं के लिए सबसे बड़े अवसरों में से एक बन सकती हैं।
कुल मिलाकर, NVIDIA CEO का यह बयान भारत के लिए सिर्फ एक अनुमान नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य की झलक माना जा रहा है। अगर सरकारी नीतियां और निजी निवेश इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे, तो AI डेटा सेंटर भारत में इंटरनेट युग जैसा ही एक नया और बड़ा रोजगार क्रांति ला सकते हैं।