प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें एडिशन की शुरुआत एक खास सांस्कृतिक संदेश के साथ की। दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित पहले एपिसोड में पीएम मोदी ने देशभर से आए छात्रों को असम का गमछा पहनाया और फिर उनसे खुलकर संवाद किया। इस दौरान पढ़ाई, तनाव, आत्मविश्वास, स्किल्स और देश के भविष्य को लेकर कई अहम बातें रखीं।
कार्यक्रम के पहले ही एपिसोड में पीएम मोदी ने बच्चों से विदेशी चीजों की जगह स्वदेशी अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इसे एक साल का व्यक्तिगत लक्ष्य बनाया जा सकता है—हर विदेशी चीज़ को धीरे-धीरे भारतीय विकल्प से बदलने का संकल्प लें। साथ ही उन्होंने छात्रों से विकसित भारत को अपना सपना बनाने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा कि जब देश आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा, तब आज के छात्र अपने जीवन के सबसे सक्रिय दौर में होंगे। इसलिए अभी से यह तय करना ज़रूरी है कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी क्या भूमिका होगी। उन्होंने भगत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े सपने अक्सर लंबे संघर्ष और बलिदान से पूरे होते हैं।
छात्रों के सवालों पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास की अहमियत समझाई। एक छात्र के प्रेजेंटेशन के डर पर पीएम ने कहा कि आत्मविश्वास सच और अपने अनुभव से आता है। जब आप जानते हैं कि आपने क्या किया है, तो डर अपने आप दूर हो जाता है।
गेमिंग में रुचि रखने वाले छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत कहानियों का देश है। पंचतंत्र, महाभारत और ऐतिहासिक पात्रों पर आधारित गेम्स बनाकर अपनी वेबसाइट पर लॉन्च करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे लोग खुद जुड़ने लगेंगे और पेरेंट्स भी समझेंगे।
मार्क्स के दबाव पर पीएम मोदी ने तीखा लेकिन सरल संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘मार्क्स-मार्क्स की बीमारी’ से बाहर निकलना ज़रूरी है। कुछ समय बाद टॉपर्स के नाम याद नहीं रहते, लेकिन पढ़ाई से जीवन में क्या बदलाव आया—यह ज्यादा मायने रखता है।
स्किल बनाम मार्क्स के सवाल पर पीएम ने संतुलन की बात की। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक तरफ झुकना सही नहीं है। जीवन में स्किल्स भी जरूरी हैं और छात्र होने के नाते अच्छे मार्क्स भी। सही रास्ता दोनों के बीच संतुलन बनाने का है।
‘परीक्षा पे चर्चा’ 2026 का अगला एपिसोड 9 फरवरी सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा, जिसे DD न्यूज़ और शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा सकेगा। 27 जनवरी को इसका ट्रेलर जारी हुआ था, जिसमें पीएम मोदी अलग-अलग लोकेशंस पर छात्रों से संवाद करते नजर आए थे।
गौरतलब है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत 2018 में हुई थी, जिसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों का तनाव कम करना और परीक्षा को उत्सव की तरह लेने की सोच विकसित करना था। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। 8वें एडिशन ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया था, जिसमें दुनिया के सैकड़ों देशों से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने हिस्सा लिया था।