अगर आपका स्मार्टफोन अभी भी पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहा है, तो यह खबर आपके लिए गंभीर चेतावनी है। Google ने दुनियाभर के एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ा सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। गूगल की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, करोड़ों नहीं बल्कि 100 करोड़ से ज्यादा एंड्रॉयड डिवाइस इस वक्त हैकिंग, मैलवेयर और स्पाईवेयर के सीधे खतरे में हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया के करीब 40 प्रतिशत एंड्रॉयड स्मार्टफोन ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे हैं, जिन्हें अब सिक्योरिटी अपडेट मिलना बंद हो चुका है। इनमें खास तौर पर Android 13 या उससे पुराने वर्जन शामिल हैं। हैकर्स इन्हीं पुराने OS में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर यूजर्स का पर्सनल डेटा, बैंकिंग डिटेल्स और निजी जानकारी तक चुरा रहे हैं।
गूगल का कहना है कि स्मार्टफोन कंपनियां आमतौर पर किसी भी डिवाइस को 3 से 5 साल तक ही सिक्योरिटी पैच देती हैं। इसके बाद फोन भले ही दिखने में ठीक चले, लेकिन अंदर से पूरी तरह असुरक्षित हो जाता है। जैसे ही सपोर्ट खत्म होता है, सॉफ्टवेयर के बग खुले रह जाते हैं और वही हैकर्स के लिए एंट्री गेट बन जाते हैं। इसी रास्ते से फोन में मैलवेयर, स्पाईवेयर और ट्रैकिंग टूल्स इंस्टॉल हो सकते हैं, जिनका यूजर को अंदाज़ा तक नहीं होता।
गूगल ने साफ तौर पर सलाह दी है कि जिन यूजर्स के फोन में अब लेटेस्ट एंड्रॉयड अपडेट नहीं आ रहा है, वे तुरंत अपनी सिक्योरिटी सेटिंग्स चेक करें, अनजान ऐप्स हटाएं और अगर संभव हो तो नया हैंडसेट लेने पर भी विचार करें। खासतौर पर ऐसे फोन जिनमें बैंकिंग ऐप्स, UPI, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स लॉग इन हैं, उनके लिए खतरा कहीं ज्यादा बताया गया है।
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुराने OS वाले फोन धीरे-धीरे “चलता-फिरता जासूस” बन सकते हैं। यूजर को पता भी नहीं चलता और बैकग्राउंड में डेटा लीक होता रहता है। यही वजह है कि गूगल लगातार एंड्रॉयड यूजर्स से लेटेस्ट OS और सिक्योरिटी पैच पर बने रहने की अपील कर रहा है।
संक्षेप में कहें तो अगर आपका फोन अपडेट नहीं हो रहा, तो खतरा सिर्फ परफॉर्मेंस का नहीं, आपकी प्राइवेसी और पैसे का भी है। अब फैसला यूजर के हाथ में है—या तो फोन को समय रहते सुरक्षित करें, या फिर जोखिम उठाने के लिए तैयार रहें।