एशियाई बैडमिंटन टीम चैंपियनशिप में डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय महिला टीम का सफर क्वार्टर फाइनल में ही थम गया। शुक्रवार को खेले गए अहम मुकाबले में भारत को दूसरे वरीय चीन के खिलाफ 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। वहीं, भारतीय पुरुष टीम अब क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगी।
महिला एकल में दुनिया की 42वें नंबर की खिलाड़ी तन्वी शर्मा, जो इससे पहले टूर्नामेंट में दो मुकाबले जीत चुकी थीं, चीन की दसवीं रैंकिंग वाली गाओ फांग जि के सामने टिक नहीं पाईं। यह मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा और तन्वी को 9-21, 9-21 से हार झेलनी पड़ी।
डबल्स में गायत्री गोपीचंद और त्रिसा जॉली की जोड़ी ने जरूर दम दिखाया, लेकिन दुनिया की चौथे नंबर की चीनी जोड़ी जिया यी फान और झांग शू शियान के खिलाफ वे निर्णायक क्षणों में पिछड़ गईं। कड़े संघर्ष के बाद भारतीय जोड़ी को 22-24, 18-21 से पराजय स्वीकार करनी पड़ी।
दूसरे महिला एकल में रक्षिता रामराज ने चीन की शू वेन जिंग को कड़ी टक्कर दी। करीब 70 मिनट तक चले इस थकाऊ मुकाबले में रक्षिता ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन अंत में उन्हें 14-21, 21-15, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा।
भारत ने इस टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की थी और अपने पहले मुकाबले में म्यांमार को 5-0 से करारी शिकस्त दी थी। हालांकि इसके बाद थाईलैंड के खिलाफ 2-3 की हार ने टीम को दबाव में डाल दिया। 2024 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम को इस बार पीवी सिंधु की गैरमौजूदगी का भी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे उसकी संभावनाएं पहले से ही कमजोर मानी जा रही थीं।
कुल मिलाकर, चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने जुझारूपन दिखाया, लेकिन अनुभव और रैंकिंग के अंतर ने अंततः मुकाबले का रुख चीन की ओर मोड़ दिया। अब भारतीय पुरुष टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, जो अगले दौर में दक्षिण कोरिया के खिलाफ चुनौती पेश करेगी।