ढाबे वाली दाल मखनी: घर पर बनाएं वही गाढ़ा, क्रीमी और खुशबूदार स्वाद

Spread the love

ढाबे की दाल मखनी का नाम सुनते ही मन में एक ही तस्वीर उभरती है—धीमी आंच पर घंटों पकी हुई गाढ़ी दाल, मक्खन और क्रीम की खुशबू से भरी, जिसे खाते ही दिल खुश हो जाए। आमतौर पर लोग मान लेते हैं कि ऐसा स्वाद घर पर संभव नहीं, लेकिन सच ये है कि थोड़े धैर्य और सही तरीके से आप भी बिल्कुल ढाबे जैसी दाल मखनी बना सकते हैं, जिसे मेहमान खाकर पूछेंगे कि रेसिपी क्या है।

इस रेसिपी की जान है सही दाल और वक्त। साबुत उड़द दाल और थोड़े से राजमा को अच्छी तरह धोकर लंबे समय तक भिगोना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे दाल अच्छी तरह गलती है और उसका टेक्सचर रेशमी बनता है। जब दाल प्रेशर कुकर में नरम होकर पक जाती है, तभी असली ढाबे वाला खेल शुरू होता है।

भारी तले की कड़ाही में मक्खन गर्म होते ही जीरे की खुशबू और तेज पत्ते की हल्की महक माहौल बना देती है। अदरक-लहसुन और हरी मिर्च के साथ टमाटर की प्यूरी को इस तरह पकाया जाता है कि मसालों से तेल अलग दिखने लगे। यही वो स्टेज है, जहां दाल मखनी का बेस तय होता है।

इसके बाद उबली हुई दाल और राजमा कड़ाही में जाते हैं और शुरू होती है असली परीक्षा—धीमी आंच। नमक और मसालों के साथ दाल को जितनी देर आराम से पकने देंगे, उतना ही स्वाद गहराता जाएगा। बीच-बीच में चलाना जरूरी है, ताकि दाल तले में न लगे और उसका क्रीमीपन बना रहे।

अंत में फ्रेश क्रीम और थोड़ा सा मक्खन मिलते ही दाल का रंग, खुशबू और स्वाद तीनों बदल जाते हैं। ऊपर से गरम मसाले की हल्की खुशबू दाल को ढाबे वाला फिनिश देती है। यही वो ट्रिक है, जो साधारण दाल को स्पेशल बना देती है।

गरमा-गरम दाल मखनी जब नान, बटर रोटी या जीरा राइस के साथ परोसी जाती है और ऊपर से मक्खन पिघलता है, तो हर कौर में ढाबे का एहसास आता है। घर पर बनी ये दाल मखनी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि हर खास मौके पर मेहमानों का दिल भी जीत लेती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *