आज जब छत, बालकनी और आंगन में गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है, तब कीट और बीमारियां सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आती हैं। बाजार में मिलने वाले केमिकल कीटनाशक तात्कालिक असर तो दिखाते हैं, लेकिन वे मिट्टी की सेहत बिगाड़ते हैं और लंबे समय में पौधों को कमजोर कर देते हैं। ऐसे में नीम से बनी नेचुरल खाद एक भरोसेमंद और सुरक्षित समाधान बनकर उभरती है—जो पौधों की रक्षा भी करती है और ग्रोथ भी बढ़ाती है।
भारतीय खेती में नीम का इस्तेमाल सदियों से होता आया है। नीम की पत्तियों, बीजों और खली में मौजूद प्राकृतिक तत्व कीटों को दूर रखते हैं और मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाए बिना पौधों को पोषण देते हैं। यही वजह है कि नीम आधारित खाद ऑर्गेनिक गार्डनिंग की रीढ़ मानी जाती है। अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बनाना बेहद आसान है और इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता।
नीम की खाद की खासियत यह है कि यह पूरी तरह ऑर्गेनिक होती है और मिट्टी के अच्छे जीवों—जैसे केंचुए और लाभकारी कीड़ों—को नुकसान नहीं पहुंचाती। इसमें मौजूद प्राकृतिक घटक कीटों को पौधों के पास आने से रोकते हैं, जड़ों को मजबूत बनाते हैं और नई पत्तियों व फूलों की ग्रोथ को सपोर्ट करते हैं। नियमित इस्तेमाल से पौधे ज्यादा हरे-भरे और स्वस्थ दिखते हैं।
घर पर नीम की खाद बनाने के लिए सबसे आसान तरीका नीम की पत्तियों का है। ताजी या सूखी पत्तियों को छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिला दें और कुछ दिनों तक छोड़ दें। समय के साथ ये पत्तियां सड़कर पोषक खाद में बदल जाती हैं। दूसरा असरदार तरीका नीम खली का है—नीम खली को पानी में 24 घंटे भिगोकर रखें और फिर उस पानी को पौधों की जड़ों में डाल दें। यह खास तौर पर कीट नियंत्रण में बेहतरीन परिणाम देता है।
नीम की नेचुरल खाद सब्जियों, फूलों और इनडोर पौधों—तीनों के लिए समान रूप से फायदेमंद है। टमाटर, मिर्च, गुलाब, तुलसी और मनी प्लांट जैसे पौधों में इसका असर जल्दी नजर आता है। पौधे लंबे समय तक ताजगी बनाए रखते हैं और कीटों का हमला काफी हद तक कम हो जाता है।
इस्तेमाल करते समय बस एक बात का ध्यान रखें—मात्रा सीमित रखें। जरूरत से ज्यादा खाद देने पर ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। हर 15–20 दिन में हल्की मात्रा पर्याप्त होती है, खासकर कमजोर पौधों के लिए शुरुआत कम मात्रा से करें। नीम आधारित ऑर्गेनिक खाद अपनाकर आप अपनी छोटी-सी गार्डनिंग को केमिकल-फ्री बना सकते हैं और पौधों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।