रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफ अकाउंट को लेकर सबसे बड़ी उलझन यही रहती है कि ब्याज कब तक मिलता है और अकाउंट कब “इनऑपरेटिव” माना जाता है। इसी भ्रम को दूर करते हुए ईपीएफओ ने 10 फरवरी को एक यूट्यूब लाइव सेशन में नियमों को साफ-साफ समझाया। अच्छी खबर यह है कि सिर्फ नौकरी छोड़ देने या कुछ समय योगदान रुक जाने से आपका पीएफ अकाउंट अपने आप निष्क्रिय नहीं होता।
ईपीएफओ के मुताबिक, कोई भी ईपीएफ अकाउंट तभी इनऑपरेटिव माना जाता है जब सदस्य अंतिम सेटलमेंट के लिए पात्र हो जाने के बाद भी लगातार तीन साल तक न तो पैसा निकालता है और न ही खाते में कोई नया योगदान आता है। अंतिम सेटलमेंट की पात्रता आमतौर पर 58 साल की उम्र पूरी होने पर, विदेश में स्थायी रूप से बसने पर या सदस्य की मृत्यु की स्थिति में बनती है। यानी जब तक यह पात्रता नहीं बनती, तब तक अकाउंट इनऑपरेटिव नहीं होता।
एक और अहम बात यह है कि यूएएन कभी बंद नहीं होता। यूएएन के तहत जुड़े अलग-अलग ईपीएफ अकाउंट्स इनऑपरेटिव हो सकते हैं, लेकिन यूएएन हमेशा सक्रिय रहता है। जैसे ही कोई अकाउंट इनऑपरेटिव होता है, उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
ब्याज को लेकर नियम और भी राहत देने वाले हैं। अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है, तब भी उसका ईपीएफ बैलेंस 58 साल की उम्र तक ब्याज कमाता रहता है। इतना ही नहीं, 58 साल पूरे होने के बाद भी तीन साल तक ब्याज मिलता है। अगर इन तीन सालों के भीतर पैसा नहीं निकाला गया, तभी अकाउंट इनऑपरेटिव माना जाता है और ब्याज रुकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी का आखिरी योगदान जुलाई 2023 में हुआ और वह अक्टूबर 2025 में 58 साल का हुआ, तो उसे अक्टूबर 2025 के बाद भी तीन साल तक ब्याज मिलता रहेगा। इसके बाद भी क्लेम नहीं किया गया तो अकाउंट निष्क्रिय हो जाएगा।
अगर कोई व्यक्ति 58 साल से पहले नौकरी छोड़ देता है, तब भी उसके ईपीएफ बैलेंस पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा। इनऑपरेटिव होने की तीन साल की गिनती तभी शुरू होती है जब वह अंतिम सेटलमेंट के लिए पात्र बनता है, उससे पहले नहीं।
निष्क्रिय अकाउंट को लेकर भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसे दोबारा एक्टिव किया जा सकता है। इसके लिए आधार, पैन और बैंक डिटेल जैसी केवाईसी अपडेट होनी चाहिए, यूएएन मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है और ऑनलाइन या ईपीएफओ ऑफिस के जरिए वैध क्लेम फाइल करना होता है। जैसे ही क्लेम प्रोसेस होता है, अकाउंट फिर से एक्टिव हो जाता है।
ईपीएफओ ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईपीएस यानी पेंशन अकाउंट इनऑपरेटिव नहीं होता, लेकिन पेंशन जारी रखने के लिए हर साल नवंबर में लाइफ सर्टिफिकेट देना जरूरी है। साथ ही, आने वाले समय में ईपीएफओ एक नया मोबाइल ऐप लाने की तैयारी में है, जिससे यूपीआई के जरिए सीधे बैंक खाते में पीएफ निकालना और भी आसान हो जाएगा।