स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अनुसंधान एवं विकास केंद्र, आयरन एंड स्टील (आरडीसीआईएस) द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को “सेल खदानों एवं संयंत्रों में आगत कच्चे माल की सैंपलिंग एवं सैंपल प्रिपरेशन” विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेल की विभिन्न खदानों एवं संयंत्रों में सैंपलिंग प्रक्रियाओं के मानकीकरण एवं तकनीकी समझ को सुदृढ़ करना, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण एवं परिचालन उत्कृष्टता को और अधिक मजबूती मिल सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (आरसीएल) श्री राहुल श्रीवास्तव के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके उपरांत कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए. के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक (खदान–रावघाट) श्री अरुण कुमार ने अपने विचार व्यक्त किए, जिसमें उन्होंने इस्पात निर्माण प्रक्रिया में साइंटिफिक सैंपलिंग एवं गुणवत्ता आश्वासन के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया गया।
तकनीकी सत्रों के अंतर्गत आईएस मानकों के अनुरूप सैंपल संग्रहण, स्कूप सैंपलिंग सिस्टम तथा लौह अयस्क खदानों में प्रचलित सैंपलिंग पद्धतियों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं। ये प्रस्तुतियाँ बोलानी अयस्क खदान, भिलाई इस्पात संयंत्र की खदानों तथा आरडीसीआईएस के अधिकारियों द्वारा दी गईं। इस दौरान प्रतिभागियों को संयंत्र भ्रमण का अवसर भी मिला, जिससे उन्हें व्यावहारिक सैंपलिंग एवं सैंपल प्रिपरेशन प्रणालियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
दोपहर उपरांत सत्र में फेरो-एलॉय की सैंपलिंग एवं सैंपल प्रिपरेशन पर केंद्रित तकनीकी व्याख्यान आयोजित किए गए, जिनमें भिलाई इस्पात संयंत्र एवं इस्को इस्पात संयंत्र (आईएसपी) के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। इसके अतिरिक्त एम/एस ईस्टमैन क्रशर्स द्वारा आधुनिक क्रशिंग एवं सैंपलिंग तकनीकों पर एक उद्योग प्रस्तुति भी दी गई।
कार्यक्रम में आरडीसीआईएस, सेल के मुख्य महाप्रबंधक (कोल, कोक एवं ऊर्जा) श्री सी. वी. राव द्वारा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंधन, सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े दलों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक सार्थक एवं सफल ज्ञान-विनिमय मंच बताया।