रायपुर के ग्रामीण और शहरी थाना क्षेत्रों में हुई आठ चोरी की वारदातों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। संयुक्त अभियान चलाते हुए पुलिस ने एक नाबालिग सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 28 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर और नकदी जब्त की गई है। पकड़े गए आरोपियों में संजय नेताम उर्फ गोलू भी शामिल है, जिस पर एक दर्जन से अधिक चोरी के मामलों में संलिप्तता का आरोप है।
इन मामलों को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम बनाई गई थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद यह पहला अवसर बताया जा रहा है, जब शहरी और ग्रामीण थानों ने मिलकर इस तरह का समन्वित अभियान चलाया।
क्राइम डीसीपी राजनाला स्मृतिका के अनुसार, आरोपियों ने खम्हारडीह, डीडी नगर, पुरानी बस्ती, आरंग, विधानसभा, पंडरी और बलौदा बाजार के पलारी क्षेत्र में सूने मकानों और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाया था। जांच में सामने आया कि पकड़े गए तीन युवकों ने सोशल मीडिया रील्स देखकर चोरी की तरकीब सीखी थी। बताया गया है कि वे पहले रील्स बनाने का विचार कर रहे थे, लेकिन जल्दी पैसा कमाने की लालच में अपराध की ओर मुड़ गए।
ज्वेलरी दुकान में चोरी के बाद आरोपियों ने चोरी का माल गांव के तालाब के पास गड्ढा खोदकर दबा दिया, ताकि पकड़े जाने की स्थिति में बरामदगी न हो सके। उनकी योजना थी कि जेल से छूटने के बाद गहने निकालकर बेच दिए जाएंगे। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी यह योजना सफल नहीं हो सकी।
आरंग, पंडरी और पलारी क्षेत्र में चार ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाया गया था। एक वारदात में आरोपी सफल हुए, जबकि दूसरी जगह दुकानदारों द्वारा पीछा किए जाने पर वे सोने का मंगलसूत्र फेंककर फरार हो गए थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद शहर और आसपास के इलाकों में राहत की भावना देखी जा रही है।