संसद के भीतर हुई बयानबाज़ी अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संसद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में त्रिवेदी ने कहा कि संसद को लोकतंत्र के सर्वोच्च मानकों का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन हालिया सत्र में भाषा और व्यवहार का स्तर चिंताजनक रहा।
त्रिवेदी का आरोप है कि चेतावनी के बावजूद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर और झूठे आरोप दोहराए तथा असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। उनके मुताबिक, सदन में हर सदस्य से शालीन और मर्यादित भाषा की अपेक्षा होती है, और इस सीमा का उल्लंघन लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक संकेत नहीं है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संसद में आचरण का स्तर गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं कांग्रेस की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि सरकार आलोचना को बर्दाश्त नहीं कर पा रही और विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस विवाद ने संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सवाल अब यह है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की कड़ी है, या फिर संसदीय मर्यादा को लेकर व्यापक बहस की शुरुआत।