अमेरिका के United States Trade Representative (USTR) ने वह सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिया है, जिसमें साझा किए गए भारतीय नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था। यह पोस्ट भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के ऐलान के बाद 7 फरवरी को शेयर किया गया था और जारी होते ही चर्चा का विषय बन गया।
आम तौर पर अमेरिकी एजेंसियां PoK और अक्साई चिन को “विवादित” दिखाने के लिए अलग रंग या डॉटेड लाइन्स का इस्तेमाल करती रही हैं। लेकिन इस पोस्ट में ऐसा कोई संकेत नहीं था—पूरे क्षेत्र को एकसमान रूप से भारत के रूप में दर्शाया गया था। इससे विशेषज्ञों के बीच अटकलें तेज हुईं कि क्या यह भारत के पक्ष में संकेत है या महज तकनीकी चूक। अब पोस्ट हटाए जाने के बावजूद USTR की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
PoK पर भारत और पाकिस्तान का विवाद 1947 से चला आ रहा है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विधिवत विलय हुआ था, इसलिए PoK सहित पूरा क्षेत्र उसका अभिन्न अंग है। पाकिस्तान इसे “आज़ाद कश्मीर” कहता है और संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का हवाला देता है। दूसरी ओर, अक्साई चिन भारत-चीन सीमा विवाद का संवेदनशील इलाका है, जिस पर 1962 के युद्ध के बाद से चीन का नियंत्रण है; भारत इसे लद्दाख का हिस्सा मानता है।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) का फ्रेमवर्क जारी किया। दोनों देशों ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, टैरिफ में कमी और चुनिंदा उत्पादों पर शून्य शुल्क जैसे कदम भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर खोल सकते हैं।
फिलहाल, नक्शे का पोस्ट हटना कूटनीतिक संकेत है या सामान्य संशोधन—यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन PoK और अक्साई चिन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर किसी भी दृश्य प्रस्तुति का असर केवल मानचित्र तक सीमित नहीं रहता; वह भू-राजनीतिक संदेश भी बन जाता है।