भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan इन दिनों सिर्फ अपने बल्ले से नहीं, बल्कि बदली हुई सोच और परिपक्व रवैये से भी सुर्खियों में हैं। टीम में वापसी के बाद जिस आत्मविश्वास और संतुलन के साथ वह खेल रहे हैं, उसने उन्हें फिर से टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद बना दिया है। हालिया मुकाबले में नामीबिया के खिलाफ उनकी तूफानी पारी ने यह साफ कर दिया कि अब ईशान सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि मैच की परिस्थितियों को समझने वाले समझदार खिलाड़ी भी बन चुके हैं।
टी20 विश्व कप में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने मात्र 24 गेंदों पर 61 रन ठोककर भारत को पावरप्ले में 86 रन तक पहुंचा दिया। यह स्कोर भारतीय टीम के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा पावरप्ले टोटल साबित हुआ। खास बात यह रही कि यह पारी ऐसे समय आई जब ओपनिंग स्लॉट में बदलाव हुआ था और टीम को तेज शुरुआत की सख्त जरूरत थी। ईशान ने मौके को दोनों हाथों से लपक लिया।
मैच के बाद उन्होंने अपने अंदर आए बदलाव पर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि पहले वह हर समय मस्ती-मजाक में डूबे रहते थे, लेकिन अब उन्होंने अपने व्यवहार में संतुलन लाया है। उनके शब्दों में, पहले वह चौबीसों घंटे मजाक करते थे, जबकि अब सिर्फ सीमित समय में हल्के-फुल्के मूड में रहते हैं। बाकी समय उनका पूरा फोकस बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग और मैच की तैयारी पर रहता है। यही बदलाव उनके खेल में भी साफ दिखाई दे रहा है।
ईशान ने यह भी बताया कि अब वह हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश नहीं करते। पहले जहां वह हर बॉल पर हमला करने के मूड में रहते थे, वहीं अब सही गेंद का इंतजार करते हैं। नामीबिया के गेंदबाज जेजे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़ना उनकी आक्रामकता का उदाहरण था, लेकिन साथ ही उन्होंने सिंगल लेकर स्ट्राइक रोटेट करने की समझ भी दिखाई। यह संतुलन ही उनके खेल को नई दिशा दे रहा है।
उन्होंने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी कई बार नुकसान पहुंचाती है। इसलिए अब वह शांत दिमाग से गेंद को पढ़कर खेलने की कोशिश करते हैं। कुछ डॉट बॉल खेलना भी उन्हें स्वीकार है, क्योंकि टीम में ऐसे बल्लेबाज मौजूद हैं जो किसी भी वक्त मैच का रुख बदल सकते हैं।
ईशान किशन का मानना है कि सही समय पर धैर्य और सही मौके पर आक्रामकता ही सफलता की असली कुंजी है। उनके इस बदले हुए अंदाज ने न सिर्फ उनके करियर को नई राह दी है, बल्कि टीम इंडिया को भी मजबूती प्रदान की है। फैंस को अब एक अधिक परिपक्व, जिम्मेदार और मैच विनिंग ईशान किशन देखने को मिल रहा है—जो मजाक भी करता है, लेकिन मैदान पर सिर्फ प्रदर्शन की भाषा समझता है।