Silver Prices Crash: डॉलर की मजबूती से सिल्वर ETF में 7% तक गिरावट, फिर MCX पर लौटी तेजी

Spread the love

वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती ने चांदी बाजार में बड़ा झटका दिया। जनवरी के उम्मीद से ज्यादा मजबूत अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद अमेरिकी मुद्रा में आई तेजी ने सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) को जोरदार दबाव में ला दिया। नतीजा यह रहा कि कई सिल्वर ETF में एक ही दिन में 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

मजबूत डॉलर का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ता है। सोना और चांदी जैसी कमोडिटीज़ की कीमतें वैश्विक स्तर पर डॉलर में तय होती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरी करेंसी में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए ये धातुएं महंगी हो जाती हैं। इससे डिमांड घटती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कमजोर पड़ी है। मजबूत रोजगार आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था अभी स्थिर है, जिससे तुरंत रेट कट की संभावना घट गई। इसी बीच रूस के संभावित रूप से डॉलर सेटलमेंट सिस्टम में वापसी की खबरों ने भी डॉलर को और सहारा दिया, जिससे कमोडिटी बाजार में हलचल बढ़ गई।

घरेलू बाजार में कई प्रमुख सिल्वर ETF टूट गए। टाटा सिल्वर ETF में करीब 7 फीसदी की गिरावट आई। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF, ज़ेरोधा सिल्वर ETF, एचडीएफसी सिल्वर ETF और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ETF भी 6 फीसदी से ज्यादा नीचे फिसले।

मेटल सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव दिखा। Hindustan Zinc के शेयर करीब 5 फीसदी टूट गए। वहीं Hindalco Industries में भी 5 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने अपनी अमेरिकी यूनिट नोवेलिस में आग से जुड़े खर्चों के कारण तीसरी तिमाही के मुनाफे में सालाना 45 फीसदी की गिरावट दर्ज की।

हालांकि गिरावट का यह दौर ज्यादा देर कायम नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में पिछले सत्र की भारी कमजोरी के बाद खरीदारी लौट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर 5 मार्च 2026 डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स करीब 3 फीसदी उछलकर 2,43,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार डॉलर की चाल, फेड के रुख और वैश्विक संकेतों पर नजर रखे हुए है। अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट एक संभावित अवसर भी बन सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *