भूपेश के बयान पर सियासी तकरार तेज: केदार कश्यप का पलटवार, कांग्रेस पर साधा निशाना

Spread the love

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel द्वारा भाजपा में शामिल होने के ऑफर को लेकर दिए गए बयान पर कैबिनेट मंत्री Kedar Kashyap ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कश्यप ने कहा कि न तो प्रदेश को उनकी जरूरत है और न ही भाजपा को। उनके मुताबिक ऐसे बयान सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए दिए जाते हैं।

कश्यप ने कहा कि राजनीतिक जीवन में गंभीरता और जवाबदेही जरूरी है, लेकिन जब कोई नेता बिना ठोस आधार के बयान देता है तो उसका मकसद केवल चर्चा में बने रहना होता है। उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया कि भाजपा संगठन अपने सिद्धांतों और कार्यशैली के आधार पर आगे बढ़ता है, किसी व्यक्तिगत बयान से पार्टी की दिशा तय नहीं होती।

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत द्वारा पीडीएस दुकानों के खाली होने के आरोपों पर भी कश्यप ने जवाबी हमला किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले सत्ता में रहते हुए जिम्मेदार थे, वही अब विपक्ष में बैठकर सवाल उठा रहे हैं। कश्यप के अनुसार, जिन पर पहले ही प्रदेश को नुकसान पहुंचाने और विभिन्न मामलों में फंसने के आरोप लग चुके हैं, उन्हें आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

नक्सल मुद्दे पर भी मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। नक्सली कमांडर हिडमा को लेकर दिए गए कथित बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख हमेशा से नक्सलियों के प्रति नरम रहा है। झीरम घाटी कांड का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

बीजापुर विधायक की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर भी कश्यप ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि किसी भी जनप्रतिनिधि को क्षेत्र में जाने से नहीं रोका गया है। संबंधित विधायक पहले भी कई बार बिना सुरक्षा के नक्सल प्रभावित इलाकों में गए हैं, ऐसे में सुरक्षा को लेकर अचानक सवाल उठाना उचित नहीं है।

असम में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी पर टिप्पणी करते हुए कश्यप ने कहा कि भाजपा नेता चुनाव प्रचार के सिलसिले में जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके जाने का उद्देश्य समय आने पर स्पष्ट हो जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार के दावों पर मंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में मौजूदा कार्यकाल के दौरान तीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और आंतरिक इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उनका दावा है कि सरकार का उद्देश्य दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।

युवा कांग्रेस की प्रस्तावित महापंचायत पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और कहा कि लोकतंत्र में हर संगठन को कार्यक्रम करने का अधिकार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यक्रम में वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होगी और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस बयानबाज़ी ने एक बार फिर सियासी माहौल को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इन आरोप-प्रत्यारोपों का असर प्रदेश की राजनीतिक दिशा पर कितना पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *