देश की सत्ता का प्रतीक माने जाने वाले साउथ ब्लॉक से अब प्रधानमंत्री कार्यालय का ऐतिहासिक अध्याय समाप्त होने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi आज साउथ ब्लॉक में आखिरी केंद्रीय कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसके बाद पीएमओ औपचारिक रूप से नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो जाएगा।
ब्रिटिश काल में प्रसिद्ध वास्तुकार Herbert Baker द्वारा डिजाइन की गई साउथ ब्लॉक की इमारत आजादी के बाद से देश के बड़े राष्ट्रीय फैसलों की साक्षी रही है। दशकों तक यहीं से सरकार के अहम निर्णय लिए गए—चाहे वह आर्थिक नीतियां हों या सुरक्षा से जुड़े कदम। अब इस ऐतिहासिक परिसर को राष्ट्रीय संग्रहालय में बदलने की योजना पर काम चल रहा है।
शुक्रवार शाम 4 बजे साउथ ब्लॉक में विशेष कैबिनेट बैठक होगी। इसे प्रतीकात्मक रूप से एक युग के समापन के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद प्रशासनिक गतिविधियां नए परिसर में शिफ्ट हो जाएंगी।
नया ‘सेवा तीर्थ’ परिसर सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है। करीब 2.26 लाख वर्ग फीट में फैले इस आधुनिक परिसर का निर्माण एल एंड टी कंपनी ने लगभग 1189 करोड़ रुपये की लागत से किया है। इसमें तीन प्रमुख भवन—सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3—शामिल हैं। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval का कार्यालय स्थापित होगा।
दोपहर करीब 1:30 बजे प्रधानमंत्री ‘सेवा तीर्थ’ का अनावरण करेंगे और साथ ही कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन करेंगे। यह पूरा परिसर डिजिटल सुविधाओं, केंद्रीकृत रिसेप्शन और जन-संपर्क क्षेत्र से लैस है। कर्मचारियों और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।
सरकार का कहना है कि नया परिसर तेज, पारदर्शी और जन-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देगा। जहां साउथ ब्लॉक ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक था, वहीं ‘सेवा तीर्थ’ नए भारत की प्रशासनिक सोच और आधुनिक ढांचे का प्रतिनिधित्व करेगा।
इस बदलाव को केवल भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के नए चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यही परिसर देश के बड़े फैसलों और नीतिगत चर्चाओं का नया केंद्र बनेगा।