राजधानी में खेलों को नई ऊर्जा देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। दिल्ली सरकार 13 फरवरी से ‘खेलो दिल्ली–दिल्ली खेल महाकुंभ’ का शुभारंभ करने जा रही है। एक महीने तक चलने वाले इस व्यापक खेल महोत्सव में 30 हजार से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। प्रतियोगिताएं शहर के 17 प्रमुख स्टेडियमों में आयोजित होंगी, जिससे दिल्ली के खेल ढांचे और प्रतिभा दोनों को एक साथ मंच मिलेगा।
इस आयोजन की औपचारिक शुरुआत ऐतिहासिक छत्रसाल स्टेडियम में होगी, जहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी। कार्यक्रम में पैरा-एथलीट्स के नेतृत्व में मार्च-पास्ट भी आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो समावेशन और समान अवसर के संदेश को मजबूत करेगा।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आयोजन से पहले 50 से अधिक खेल प्रभावशाली व्यक्तियों, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, फिटनेस विशेषज्ञों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर इस पहल की रूपरेखा साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि दिल्ली के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को व्यवस्थित और मजबूत बनाना है। सरकार चाहती है कि युवा खिलाड़ियों को ऐसा प्रतिस्पर्धी मंच मिले, जहां से वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तैयारियों की ओर बढ़ सकें।
पहले चरण में फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और कबड्डी सहित सात प्रमुख खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी। मुकाबले छत्रसाल स्टेडियम के अलावा बवाना, नजफगढ़, विकासपुरी और दक्षिणी दिल्ली के अन्य स्टेडियमों में आयोजित किए जाएंगे। अब तक 16 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण करा लिया है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य इस बार 30 हजार प्रतिभागियों को जोड़ने का है, जबकि आने वाले वर्षों में इसे एक लाख जमीनी स्तर के खिलाड़ियों तक विस्तारित करने की योजना है।
इस महाकुंभ के जरिए दिल्ली की खेल अधोसंरचना का आकलन भी किया जाएगा। किन स्टेडियमों और सुविधाओं में सुधार की जरूरत है, इसका विश्लेषण कर चरणबद्ध तरीके से उन्नयन की योजना बनाई जाएगी। यह आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेल संस्कृति को स्थायी रूप से मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगा।
महिला खिलाड़ियों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। सुरक्षा और समावेशन सुनिश्चित करने के लिए अलग व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लड़कियां और महिलाएं इस मंच का लाभ उठा सकें। सरकार का मानना है कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं, साथ ही उन्हें नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस पूरे अभियान को प्रेरक पहचान देने के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। धवन ने इसे सम्मान की बात बताते हुए कहा कि वे युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि उनके जुड़ने से यह आयोजन युवाओं के बीच और अधिक लोकप्रिय होगा।
दिल्ली सरकार की यह पहल राजधानी में एक मजबूत और दीर्घकालिक खेल संस्कृति के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। यदि योजना के अनुरूप सहभागिता और संरचनात्मक सुधार आगे बढ़ते हैं, तो आने वाले समय में दिल्ली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रदर्शन के मामले में नई पहचान बना सकती है।