अगर सन्नाटे में अचानक आपके कानों में सीटी, भनभनाहट या घंटी जैसी आवाज सुनाई दे और आसपास कोई वास्तविक ध्वनि न हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर टालना ठीक नहीं है। बार-बार ऐसा अनुभव होना टिनिटस नामक स्थिति का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार टिनिटस खुद कोई स्वतंत्र बीमारी नहीं, बल्कि शरीर के भीतर चल रही किसी समस्या का लक्षण हो सकता है।
टिनिटस में व्यक्ति को बिना बाहरी स्रोत के ध्वनि सुनाई देती है। यह आवाज कभी हल्की सीटी की तरह, कभी भनभनाहट, क्लिकिंग या घंटी जैसी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों में यह कुछ सेकंड के लिए रहती है, जबकि कई मामलों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है।
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक तेज शोर—जैसे लाउड म्यूजिक या भारी मशीनों की आवाज—के संपर्क में रहना एक बड़ी वजह है। कान में संक्रमण, मैल का अधिक जमाव, हाई ब्लड प्रेशर, नसों से जुड़ी दिक्कतें या सुनने की क्षमता में कमी भी इसे जन्म दे सकती है। तनाव और एंग्जायटी भी स्थिति को बढ़ा सकते हैं। कुछ मामलों में यह मेनियर डिजीज जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसमें चक्कर आना और सुनने में परेशानी शामिल होती है।
ऐसे संकेत मिलने पर सतर्क हो जाना जरूरी है। यदि कानों में आवाज कई दिनों तक लगातार सुनाई दे, इसके साथ दर्द, चक्कर या सुनने में कमी महसूस हो, या सिरदर्द और ब्लड प्रेशर की समस्या भी जुड़ी हो, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय रहते जांच से गंभीर कारणों को रोका जा सकता है।
बचाव के लिए तेज आवाज से दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। आवश्यकता पड़ने पर ईयरप्लग का उपयोग किया जा सकता है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना, कानों की साफ-सफाई का ध्यान रखना—लेकिन नुकीली चीजें कान में न डालना—और योग या मेडिटेशन के जरिए तनाव कम करना भी सहायक हो सकता है। किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
टिनिटस का उपचार उसके मूल कारण पर निर्भर करता है। यदि समस्या संक्रमण या मैल की वजह से है तो दवाओं या सफाई से राहत मिल सकती है। नसों या सुनने की कमी से जुड़ी स्थिति में विशेष थेरेपी या हियरिंग एड की आवश्यकता पड़ सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी लक्षण की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।)