दुर्ग जिले में वैलेंटाइन डे को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था, हुड़दंग या तथाकथित ‘मोरल पुलिसिंग’ की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों, खासकर युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलेभर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
जिला पुलिस ने स्पष्ट रणनीति के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई है। एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पांच नगर पुलिस अधीक्षक और तीस थाना प्रभारी अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे। पार्क, गार्डन, मॉल, प्रमुख बाजार, पर्यटन स्थल और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर इन अधिकारियों की निगरानी रहेगी। इसके साथ ही 33 अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टियां मैदान में उतारी गई हैं, जो लगातार गश्त कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
प्रशासन ने 21 प्रमुख स्थानों पर फिक्स प्वाइंट भी स्थापित किए हैं, जहां पुलिस बल की स्थायी मौजूदगी रहेगी। डायल-112, कंट्रोल रूम और रिजर्व फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। ट्रैफिक विभाग को भीड़ प्रबंधन और सुचारु यातायात के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
इसी बीच दुर्ग में सक्रिय सामाजिक संगठन भीम आर्मी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर प्रेमी युगलों की सुरक्षा की मांग की है। संगठन का कहना है कि हर साल वैलेंटाइन डे के दौरान कुछ असामाजिक तत्व संस्कृति और परंपरा के नाम पर युवाओं के साथ दुर्व्यवहार या हिंसा की कोशिश करते हैं। इस बार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को निशाना न बनाया जा सके।
महिला सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर महिला सुरक्षा टीमों की अलग से तैनाती की गई है। इन टीमों को पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर खास निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, धमकी, मारपीट या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, दुर्ग में इस बार वैलेंटाइन डे केवल प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रशासनिक सतर्कता और कानून-व्यवस्था की परीक्षा भी बन गया है। पुलिस का संदेश साफ है—त्योहार हो या आम दिन, कानून से ऊपर कोई नहीं।