असम में मोदी का हाईवे लैंडिंग शो और ₹5,450 करोड़ का विकास पैकेज, चुनावी साल में तीसरा दौरा

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असम की सियासत और रणनीतिक महत्व के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi का तीन महीने में तीसरा दौरा कई संदेशों के साथ आया है। डिब्रूगढ़ के पास मोरन बाइपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उनका विमान उतरना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा क्षमता के प्रदर्शन का प्रतीक भी माना जा रहा है। यह इलाका चीन सीमा से करीब 300 किलोमीटर दूर है, इसलिए सैन्य दृष्टि से इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।

मोरन एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर विकसित की गई है। इसे डुअल-यूज़ इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में डिजाइन किया गया है, ताकि सामान्य दिनों में यह हाईवे रहे और आपात स्थिति में सैन्य व सिविल विमानों के लिए रनवे का काम करे। यह सुविधा 40 टन तक के फाइटर जेट और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को संभाल सकती है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राफेल और सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमानों का एरियल शो भी प्रस्तावित है, जिसमें हाईवे से ही टेक-ऑफ और लैंडिंग का प्रदर्शन होगा।

दौरे के दौरान ₹5,450 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जा रहा है। इनमें सबसे चर्चित परियोजना ₹3,030 करोड़ की लागत से बना कुमार भास्कर वर्मा सेतु है। ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 1.24 किलोमीटर लंबा यह छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा समय को घटाकर लगभग सात मिनट तक ला देगा। भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए इसमें बेस आइसोलेशन तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स का उपयोग किया गया है, साथ ही ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया गया है।

कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर के लिए नेशनल डेटा सेंटर का उद्घाटन भी इस दौरे का हिस्सा है। 8.5 मेगावॉट क्षमता वाला यह केंद्र सरकारी डिजिटल सेवाओं की मेजबानी के साथ-साथ डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगा। इससे पूर्वोत्तर राज्यों में ई-गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन क्षेत्र में उच्च शिक्षा और प्रबंधन अध्ययन को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

शहरी परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इनमें गुवाहाटी के लिए 100, नागपुर के लिए 50, भावनगर के लिए 50 और चंडीगढ़ के लिए 25 बसें शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इससे करीब 50 लाख लोगों को स्वच्छ और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।

यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। हाल ही में चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें लगभग 2.49 करोड़ मतदाता शामिल हैं। नागरिकता और पहचान से जुड़े मुद्दे—जैसे National Register of Citizens और Citizenship Amendment Act—एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। 1985 के असम समझौते के तहत 24 मार्च 1971 की कट-ऑफ तिथि और 2019 में जारी NRC सूची से बाहर हुए लगभग 19 लाख लोगों का प्रश्न अब भी अनिश्चितता में है। CAA के लागू होने के बाद यह बहस और तेज हुई, क्योंकि राज्य में इसे NRC की मूल भावना से अलग माना गया।

कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भर नहीं, बल्कि रणनीतिक, प्रशासनिक और राजनीतिक संदेशों का संगम है। हाईवे पर विमान की लैंडिंग से लेकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पुल निर्माण तक—असम में इस बार विकास और सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलने की तस्वीर पेश की गई है।

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