AI समिट से दिल्ली-NCR में होटल रेट्स में उछाल, कुछ सुइट ₹6 लाख पार

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दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक चल रहे ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ ने राजधानी और आसपास के शहरों के होटल बाजार में जबरदस्त हलचल मचा दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते NCR में लग्जरी और बिजनेस होटलों की मांग अचानक बढ़ गई है। नतीजा यह है कि कई होटलों के किराए सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक पहुंच गए हैं।

गुरुग्राम के प्रीमियम होटल ‘द लीला एम्बिएंस’ में एक पैनोरमिक सुइट का किराया 18 फरवरी के लिए करीब 6.15 लाख रुपये (टैक्स सहित) बताया जा रहा है, जो सामान्य दिनों में लगभग 1.9 लाख रुपये के आसपास होता है। ‘द वेस्टिन गुड़गांव’ का रॉयल सुइट 2.10 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जबकि आमतौर पर इसकी कीमत 90 हजार रुपये के आसपास रहती है। ‘ली मेरिडियन’ में भी कमरे के किराए 25 हजार से बढ़कर करीब 47 हजार रुपये तक हो गए हैं।

नोएडा में प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। ‘सावॉय सुइट्स’ में ट्विन बेड सुइट का किराया 18 फरवरी के लिए लगभग 89 हजार रुपये तक पहुंच गया, जबकि मार्च के पहले सप्ताह में यही कमरा करीब 14 हजार रुपये में उपलब्ध है। सेक्टर 62 के ‘ब्लूम होटल’ में भी किराया 6 हजार से बढ़कर 15 हजार रुपये के पार पहुंच चुका है।

फरीदाबाद और सूरजकुंड क्षेत्र भी इस उछाल से अछूते नहीं रहे। ‘रेडिसन ब्लू फरीदाबाद’ में सुपीरियर रूम का किराया 15,611 रुपये से बढ़कर 25,090 रुपये हो गया है, जबकि ‘ताज सूरजकुंड’ में भी दरों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि दिल्ली के होटल लगभग फुल होने के कारण मेहमान अब गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद की ओर रुख कर रहे हैं।

इस मेगा इवेंट में Sundar Pichai, Bill Gates और Sam Altman जैसे वैश्विक टेक दिग्गजों की मौजूदगी ने मांग को और बढ़ाया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया, जिसके बाद विदेशी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं की बड़ी संख्या दिल्ली पहुंची।

हालांकि, किरायों में इस भारी बढ़ोतरी पर सवाल भी उठे हैं। इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई ने सोशल मीडिया पर 30 लाख रुपये तक के किराए की खबरों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे भारत की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने होटल उद्योग से आचार संहिता बनाने की अपील की।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में होटल कमरों की संख्या अभी भी मांग के मुकाबले कम है। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) के प्रतिनिधियों का कहना है कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों के मद्देनजर होटल इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार देने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, AI समिट ने न सिर्फ टेक्नोलॉजी जगत को एक मंच पर लाया है, बल्कि दिल्ली-NCR के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी अभूतपूर्व उछाल दर्ज कराया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मांग और आपूर्ति के इस अंतर को कैसे संतुलित किया जाता है।

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