भारत में चल रहे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स अब इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हालिया सार्वजनिक दस्तावेजों में नाम आने के बाद सरकार ने उनके निमंत्रण पर पुनर्विचार किया।
सूत्रों के अनुसार यह निर्णय नैतिक आधार पर लिया गया है। सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस पूरे मामले में पीड़ितों के साथ खड़ी है और इसी कारण समिट के मुख्य वक्ताओं की सूची से गेट्स का नाम हटा दिया गया। हालांकि इस पर आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन कार्यक्रम से उनका नाम गायब होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि बिल गेट्स 16 फरवरी को भारत पहुंच चुके थे और एक्सपो में भाग लेने की तैयारी में थे। वह अपनी संस्था के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य, शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया।
एपस्टीन, जिस पर नाबालिगों की तस्करी और यौन अपराधों के गंभीर आरोप लगे थे, 2019 में जेल में मृत पाया गया था। हाल ही में जारी दस्तावेजों में कई प्रभावशाली लोगों के नामों का उल्लेख सामने आया, जिनमें गेट्स का भी जिक्र बताया गया। दस्तावेजों में उनके बीच मुलाकातों और निजी संबंधों को लेकर दावे किए गए हैं। हालांकि गेट्स पहले ही कह चुके हैं कि उन्होंने एपस्टीन से मुलाकातें चैरिटी और फंडिंग से जुड़े मामलों में की थीं।
एक हालिया इंटरव्यू में गेट्स ने इन मुलाकातों पर खेद जताते हुए कहा कि उन्हें उस समय बिताए हर मिनट का पछतावा है। उन्होंने इसे अपनी बड़ी गलती माना और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। इसके बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से शुरू हुआ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ 20 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य, नीति निर्माण और नवाचार पर केंद्रित है। समिट के साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ भी आयोजित किया जा रहा है, जहां वैश्विक कंपनियां अपने अत्याधुनिक AI समाधान प्रस्तुत कर रही हैं।
कार्यक्रम में टेक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं, जिनमें सुंदर पिचई और सैम ऑल्टमैन जैसे नाम प्रमुख हैं। सरकार इस मंच के जरिए भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत संदेश देना चाहती है।
बिल गेट्स के नाम हटने के बाद यह समिट और भी चर्चा में आ गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह विवाद अंतरराष्ट्रीय टेक और कूटनीतिक संबंधों पर किस तरह का असर डालता है। फिलहाल सरकार का रुख साफ संकेत देता है कि नैतिक मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया जा रहा है।