घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्कता दिखाई, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 289.72 अंकों की गिरावट के साथ 82,987.43 पर आ गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 112.45 अंक टूटकर 25,570.30 पर फिसल गया।
हालांकि बाजार में गिरावट ज्यादा देर तक नहीं टिकी। आईटी और चुनिंदा ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से हालात बदले और दोनों सूचकांक हरे निशान में पहुंच गए। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 116.08 अंक चढ़कर 83,393.23 पर और निफ्टी 12.90 अंक बढ़कर 25,695.65 पर कारोबार करता दिखा। इससे संकेत मिला कि निवेशक अभी भी मजबूत कंपनियों में भरोसा बनाए हुए हैं।
सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडिगो, सन फार्मा और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में मजबूती रही। दूसरी ओर टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा पर दबाव देखा गया।
रुपये में हल्की मजबूती भी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसा मजबूत होकर 90.73 पर पहुंच गया। वैश्विक संकेतों की बात करें तो एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर दिखा। जापान का निक्केई 225 करीब 1% नीचे रहा, जबकि चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार अवकाश के चलते बंद थे। अमेरिका में भी राष्ट्रपति दिवस के कारण सोमवार को कारोबार नहीं हुआ।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड 0.41% गिरकर 68.37 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 972.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,666.98 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार को सहारा मिला।
गौरतलब है कि सोमवार को बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स 650.39 अंक उछलकर 83,277.15 पर और निफ्टी 211.65 अंक चढ़कर 25,682.75 पर बंद हुआ था। ऐसे में मंगलवार की शुरुआती गिरावट को कई विश्लेषक मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का असर मान रहे हैं।
कुल मिलाकर, बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, लेकिन मजबूत कंपनियों में चुनिंदा खरीदारी से संकेत मिल रहे हैं कि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह डगमगाया नहीं है।