नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल ‘AI समिट’ के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप NeoSapien के सीईओ और को-फाउंडर धनंजय यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी के स्टॉल से AI वियरेबल डिवाइस गायब हो गए। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को नरेंद्र मोदी ने किया था।
धनंजय यादव के अनुसार, यह घटना समिट के पहले ही दिन हुई। उनका दावा है कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनी क्षेत्र को खाली कराया गया था। उस दौरान आम लोगों की एंट्री बंद थी और केवल सुरक्षाकर्मी ही एक्सपो एरिया में मौजूद थे। स्टार्टअप का कहना है कि जब वे लगभग छह घंटे बाद अपने स्टॉल पर लौटे, तो वहां केवल खाली पैकेजिंग मिली और डिवाइस गायब थे।
NeoSapien ऐसे AI वायरलेस वियरेबल डिवाइस विकसित करता है, जो ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ भावनात्मक विश्लेषण (इमोशनल एनालिटिक्स) जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। कंपनी के मुताबिक, ये प्रोटोटाइप और डेमो यूनिट्स समिट में प्रदर्शित किए जा रहे थे। CEO ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी बड़ी टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस में इस तरह की घटना बेहद निराशाजनक है।
यह समिट पांच दिनों तक चलने वाला एक बड़ा टेक आयोजन है, जिसमें टेक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। कार्यक्रम में सुंदर पिचई, बिल गेट्स और सैम ऑल्टमैन जैसे नाम चर्चा में रहे हैं। ऐसे हाई-प्रोफाइल आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल स्वाभाविक रूप से गंभीर माने जा रहे हैं।
धनंजय यादव का यह भी कहना है कि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें स्टॉल खाली करने को कहा था और आश्वस्त किया था कि उपकरण सुरक्षित रहेंगे। लेकिन वापसी पर डिवाइस न मिलने से उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल आयोजकों या प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की जांच जारी बताई जा रही है। इस घटना ने न केवल स्टार्टअप समुदाय को चिंतित किया है, बल्कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन पर भी नई बहस छेड़ दी है।